
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Ward 26 Controversy: नासिक महानगरपालिका चुनाव के तहत सिडको क्षेत्र में भाजपा के भीतर उम्मीदवारी को लेकर मचा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। वार्ड नंबर 26 (सी) में पार्टी ने अब स्पष्ट कर दिया है कि पुष्पावती यशवंत पवार ही भाजपा की अधिकृत (स्पॉन्सर्ड) उम्मीदवार हैं। हालांकि, तकनीकी दांवपेच के कारण भाजपा का आधिकारिक चुनाव चिन्ह ‘कमल’ पूर्व कॉर्पोरेटर अलका अहिरे के पास चला गया है, जिन्होंने अब पार्टी के आदेश के बावजूद पीछे हटने से साफ इनकार कर दिया है।
वार्ड 26 (सी) में मचे इस हंगामे के पीछे की तकनीकी वजह काफी दिलचस्प है। अलका अहिरे ने भाजपा के एबी फॉर्म के साथ सबसे पहले नामांकन दाखिल किया, जिससे चुनाव अधिकारी के रिकॉर्ड में वे आधिकारिक प्रत्याशी दर्ज हो गई।
पार्टी ने बाद में पुष्पावती पवार को एबी फॉर्म दिया, लेकिन चुनाव कार्यालय पहुंचने में हुई देरी के कारण तकनीकी रूप से अहिरे का नामांकन पहले ही रजिस्टर्ड हो चुका था। भाजपा शहराध्यक्ष सुनील केदार ने स्पष्ट किया है कि पुष्पावती पवार ही पार्टी की पसंद हैं और अलका अहिरे को नाम वापस लेने का निर्देश दिया गया है।
क्षेत्र की विधायक सीमा हीरे ने इस विवाद पर सख्त टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने केवल पुष्पावती पवार को ही अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया है। तकनीकी कारणों से सिंबल भले ही किसी और के पास हो, लेकिन यदि कोई अनधिकृत उम्मीदवार उनके नाम, फोटो या पहचान का इस्तेमाल प्रचार में करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता केवल अधिकृत उम्मीदवार का ही साथ देंगे। पार्टी के दबाव के बावजूद पूर्व कॉर्पोरेटर अलका अहिरे ने बगावत का झंडा बुलंद कर दिया है। उनका कहना है कि पार्टी ने उन्हें एबी फॉर्म दिया है और वे अब भाजपा की पंजीकृत उम्मीदवार है।






