

Satpur Police Woman Rescue Operation: महाराष्ट्र के नासिक जिले में मानव तस्करी का एक ऐसा भयावह मामला सामने आया है जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 'इवेंट मैनेजमेंट' में आकर्षक नौकरी दिलाने के बहाने एक विवाहिता को अगवा कर न केवल दो लाख रुपये में बेच दिया गया, बल्कि उसकी मर्जी के खिलाफ जबरन शादी भी करा दी गई। पुलिस ने साहसिक कार्रवाई करते हुए पीड़िता को चंगुल से छुड़ा लिया है, लेकिन इस घटना ने जिले में सक्रिय मानव तस्करी गिरोहों की कलई खोल दी है।
नासिक पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन सर्च' के बावजूद शहर के विभिन्न इलाकों से युवतियों के लापता होने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
सतपुर के कार्बन नाका इलाके की रहने वाली पीड़िता, जो अपने पति से अलग होकर अपने तीन-चार महीने के बच्चे के साथ रह रही थी, 27 फरवरी को 'रानी' और 'भागी' नामक दो महिला एजेंटों के चंगुल में फंस गई। आरोपियों ने उसे अच्छी नौकरी का भरोसा दिया और मालेगांव के रास्ते सीधे नंदगांव तालुका के जटेगांव ले गईं। वहां नवनाथ खिरदकर नामक युवक से दो लाख रुपये लेकर उसकी जबरन शादी करा दी गई। पीड़िता ने सूझबूझ दिखाते हुए 28 फरवरी को अपनी मां को फोन कर आपबीती सुनाई, जिसके बाद मामला सतपुर पुलिस तक पहुंचा।
पीड़िता की लोकेशन मिलते ही सतपुर पुलिस की एक टीम तुरंत जटेगांव पहुंची। वहां पुलिस को करीब 300 ग्रामीणों के भारी विरोध और बेहद तनावपूर्ण माहौल का सामना करना पड़ा। ग्रामीण पुलिस की कार्रवाई में बाधा डाल रहे थे, लेकिन पुलिस टीम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए भीड़ के बीच से पीड़िता को सुरक्षित बचा लिया। इस मामले में अब तक दो महिला एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी नवनाथ खिरदकर और छह अन्य संदिग्ध फिलहाल फरार हैं।
नासिक शहर में लापता महिलाओं और नाबालिगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस ने 'ऑपरेशन सर्च' अभियान तेज कर दिया है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो महीनों में 79 बच्चों को ढूंढने में सफलता मिली है, लेकिन हाल ही में अंबड़, सतपुर और इंदिरानगर जैसे क्षेत्रों से तीन और नाबालिग लड़कियों के अपहरण की सूचना ने नागरिकों में डर पैदा कर दिया है। पुलिस कमिश्नर ने फरार संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की हैं और इस तस्करी नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए जांच तेज कर दी है।