लाल परी का 'मुनाफा अवतार': विज्ञापनों से होगी 250 करोड़ की कमाई, 1 करोड़ यात्रियों का लक्ष्य

MSRTC Advertisement Revenue: महाराष्ट्र एसटी निगम विज्ञापनों के जरिए अगले 5 साल में 250 करोड़ रुपये कमाएगा। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आय बढ़ाने का बड़ा प्लान साझा किया।
Pratap Sarnaik ST Corporation Meeting
Pratap Sarnaik ST Corporation Meeting (फोटो क्रेडिट-X)
Updated on

Pratap Sarnaik ST Corporation Meeting: महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) ने अपनी आय बढ़ाने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसके तहत अगले पांच वर्षों में विज्ञापनों के जरिए 250 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। मंगलवार को ठाणे में हुई निदेशक मंडल की 310वीं बैठक के दौरान परिवहन मंत्री और एमएसआरटीसी के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की।

इसका मुख्य उद्देश्य राज्य की पसंदीदा ‘लाल परी’ को न केवल परिवहन का साधन बनाए रखना है, बल्कि उसे लाभ कमाने वाले एक मजबूत वित्तीय इंजन में बदलना भी है।

विज्ञापनों का 'गोल्डन' नेटवर्क: डिपो से बसों तक

परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र के हर कोने में फैले एसटी के विशाल नेटवर्क का उपयोग अब व्यावसायिक रूप से किया जाएगा। वर्तमान में निगम के पास 251 डिपो और 610 से अधिक बस स्टैंड हैं। योजना के अनुसार, बस स्टैंड के परिसर, बसों के बाहरी हिस्से और बसों के अंदरूनी हिस्सों का उपयोग विज्ञापन के लिए किया जाएगा। प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से अगले पांच वर्षों के लिए 250 करोड़ रुपये से अधिक के विज्ञापन अनुबंध पहले ही स्वीकार किए जा चुके हैं।

दैनिक यात्रियों का आंकड़ा 1 करोड़ पहुँचाने का लक्ष्य

वर्तमान में एसटी का बेड़ा प्रतिदिन 50 से 55 लाख यात्रियों को अपनी सेवाएं देता है। प्रताप सरनाईक ने आगामी योजनाओं का खुलासा करते हुए कहा कि जैसे-जैसे बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी, दैनिक यात्रियों की संख्या 1 करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य है। यात्रियों की संख्या बढ़ने से विज्ञापन स्थान का मूल्य (Value) भी काफी बढ़ जाएगा, जिससे निगम की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी। विज्ञापनदाताओं के लिए महाराष्ट्र का यह ग्रामीण और शहरी नेटवर्क एक 'सुनहरा अवसर' साबित होगा।

राजस्व वृद्धि से सुधरेगी यात्री सुविधाएं

विज्ञापनों से होने वाली इस अतिरिक्त आय का सीधा लाभ यात्रियों को मिलने की उम्मीद है। प्राप्त राजस्व का उपयोग बस स्टैंडों के आधुनिकीकरण, नई बसों की खरीद और यात्री सुविधाओं में सुधार के लिए किया जाएगा। सरनाईक ने जोर देकर कहा कि एसटी प्रशासन अब घाटे से उबरकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। 12,000 बसों के बेड़े के साथ एमएसआरटीसी अब विज्ञापन बाजार में एक बड़े खिलाड़ी के रूप में उभरने को तैयार है।

Navbharat Live
navbharatlive.com