- Hindi News »
- Maharashtra »
- Nashik »
- Nashik Infrastructure Crisis Road Development Budget Pothole Crisis 2026
विकास के सिस्टम ने बिगाड़ा नासिक का चेहरा, 160 करोड़ का बजट फिर भी धूल और गड्ढों के साये में नागरिक
Nashik Road Development: नासिक महानगरपालिका ने सड़कों के लिए 160 करोड़ का बजट दिया, लेकिन सिंहस्थ कुंभमेले से पहले शहर की हालत खराब। जानें क्यों 2 साल तक जारी रहेगी खुदाई।
- Written By: गोरक्ष पोफली

नासिक के रास्तों में गड्ढे व चलता मरम्मत का काम (सोर्स: नवभारत)
Nashik Infrastructure Crisis: महाराष्ट्र के उभरते हुए महानगर और आगामी सिंहस्थ कुंभमेले की मेजबानी की तैयारी कर रहे नासिक शहर की सूरत इन दिनों ‘विकास’ के बोझ तले दबकर बदरंग हो गई है। प्रशासन द्वारा सड़कों के सुधार और नए निर्माण के लिए 160 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित करने के बावजूद, धरातल पर स्थिति शून्य नजर आ रही है। धूल के गुबार, जानलेवा गड्ढे और घंटों का ट्रैफिक जाम अब नासिक की नई पहचान बन गए हैं।
कागजी दावे और जमीनी हकीकत का फासला
महानगरपालिका प्रशासन ने बड़े जोर-शोर से घोषणा की थी कि यूटिलिटी सेवाओं (गैस लाइन, सीवरेज, केबल) के लिए खोदी गई सड़कों को अप्रैल अंत तक दुरुस्त कर लिया जाएगा। लेकिन अब खुद प्रशासन के सुर बदल गए हैं। शहर अभियंता संजय अग्रवाल के बयान से साफ है कि खुदाई के बाद समतलीकरण और फिर डामरीकरण की प्रक्रिया इतनी धीमी है कि नागरिकों को राहत मिलने में अभी कई महीनों का समय लगेगा। यदि मई अंत तक काम पूरा नहीं हुआ, तो मानसून की पहली फुहार के साथ ही ये सड़कें कीचड़ के दलदल में तब्दील हो जाएंगी और डामरीकरण का काम सीधे अक्टूबर तक टल जाएगा।
‘अमृत’ और अन्य योजनाओं का अंतहीन चक्र
विडंबना यह है कि एक तरफ प्रशासन पुरानी खोदी गई सड़कों को भरने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अमृत योजना, OFC वायरिंग और MTNL जैसे कार्यों के लिए नई खुदाई की अनुमति भी दे दी गई है। यह ‘खोदो और भरो’ का अंतहीन सिलसिला नासिककरों के लिए सिरदर्द बन गया है। 28 मुख्य सड़कों को सुधारने का लक्ष्य तो रखा गया है, लेकिन नए गड्ढों की तैयारी ने इस लक्ष्य को संदिग्ध बना दिया है।
सम्बंधित ख़बरें
Nashik Sex Scandal: सरकारी डॉक्टरों की मिलीभगत से चल रहा था अवैध अबॉर्शन रैकेट, SIT की जांच में उड़े होश
बारामती और राहुरी में कड़ा मुकाबला, वोटिंग के आंकड़ों ने बढ़ाई दिग्गजों की धड़कनें, 4 मई को आएंगे नतीजें
CSMT पर टला बड़ा रेल हादसा: एक ही ट्रैक पर आमने-सामने आईं दो लोकल ट्रेनें, फेल-सेफ तकनीक ने बचाई सैकड़ों जानें
अमरावती मनपा आमसभा में हंगामा: सफाई व्यवस्था, आवारा कुत्ते और शिक्षक भर्ती पर विपक्ष का तीखा वार निर्देश दिए
निवेश या बर्बादी?
बजट 2026-27 में सड़कों के लिए 160 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रशासन का तर्क है कि इससे नए लिंक रोड, बायपास और गड्ढामुक्ति अभियान चलाया जाएगा। हालांकि, नासिक की जनता इस ‘भारी-भरकम’ फंड को लेकर आशंकित है। पिछले कुछ वर्षों का अनुभव बताता है कि करोड़ों खर्च कर बनाई गई सड़कें पहली ही बारिश में उखड़ जाती हैं। घटिया निर्माण सामग्री और ठेकेदारों की लापरवाही ने जनता के टैक्स के पैसे को पानी में बहाने का काम किया है।
यह भी पढ़ें: Nashik Sex Scandal: सरकारी डॉक्टरों की मिलीभगत से चल रहा था अवैध अबॉर्शन रैकेट, SIT की जांच में उड़े होश
दो साल तक बना रहेगा ‘खुदाई राज’
सबसे डरावनी हकीकत यह है कि बुनियादी ढांचे के विकास के नाम पर यह खुदाई का दौर अगले 02 साल तक जारी रहने की आशंका है। लिंक रोड और आंतरिक सड़कों की मजबूती के दावों के बीच सवाल यह उठता है कि क्या कुंभमेले के भव्य आयोजन से पहले नासिक सुरक्षित और सुगम हो पाएगा? वर्तमान स्थिति को देखते हुए ऐसा लगता है कि विकास का यह ‘सिस्टम’ नासिक के स्वरूप को सुधारने के बजाय उसे और अधिक बिगाड़ रहा है।
Nashik infrastructure crisis road development budget pothole crisis 2026
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
विकास के सिस्टम ने बिगाड़ा नासिक का चेहरा, 160 करोड़ का बजट फिर भी धूल और गड्ढों के साये में नागरिक
Apr 24, 2026 | 07:14 AMज्ञानेश कुमार को मोदी सरकार देगी भारत रत्न? हिमंता बिस्वा सरमा बोले- SIR के लिए देश उनका योगदान नहीं भूलेगा
Apr 24, 2026 | 07:08 AMIVF उम्र सीमा पर Bombay High Court सख्त, 50+ महिलाओं को मेडिकल टेस्ट की अनुमति
Apr 24, 2026 | 07:07 AMबिना समझौते के नहीं खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट…ट्रंप का दावा, घुटनों पर है Iran, परमाणु हमले पर कही ये बड़ी बात
Apr 24, 2026 | 07:00 AMMumbai Sextortion Case का भंडाफोड़, महिला क्रिकेटर समेत तीन गिरफ्तार
Apr 24, 2026 | 06:59 AMममता की हैट्रिक या BJP का उदय…बंगाल चुनाव में ऐतिहासिक वोटिंग के क्या मायने? हर बार मिले हैं अलग नतीजे
Apr 24, 2026 | 06:49 AMMac Mohan Career: क्रिकेटर बनने मुंबई पहुंचे मैक मोहन, किस्मत ने बना दिया बॉलीवुड का आइकॉनिक विलेन सांभा
Apr 24, 2026 | 06:49 AMवीडियो गैलरी

‘तुम यहां क्या कर रहे हो…?’, केदारनाथ धाम में मुस्लिम के साथ गाली-गलौज, VIDEO हुआ वायरल
Apr 23, 2026 | 10:43 PM
खरगोन में प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण का खेल, खेत के मकान से बाइबिल और लैपटॉप बरामद
Apr 23, 2026 | 10:37 PM
हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल: जब 86 साल के मुरलीधर सड़क पर गिरे, तो ‘भाई’ बनकर आए इशहाक खान
Apr 23, 2026 | 10:30 PM
‘इतनी दिक्कत है तो दे दो हमें टिकट..’, रैली में ले जाने पर छात्राओं ने कॉलेज-RSS को किया रोस्ट; VIDEO वायरल
Apr 23, 2026 | 10:17 PM
जो गाय को खाते है, वो सुअर का दुध…गोरखपुर में CM योगी आदित्यनाथ ने पूछा तीखा सवाल, VIDEO वायरल
Apr 23, 2026 | 10:03 PM
West Bengal Election: 92.25% वोटिंग ने बदला खेल! TMC दिग्गजों को क्यों है ‘क्लीन स्वीप’ का भरोसा? देखें VIDEO
Apr 23, 2026 | 09:46 PM














