

Sambhajinagar Water Project Back On track after technical fix: वर्षों से प्रतीक्षित नई पेयजल योजना से शहरवासियों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। मुख्य पाइपलाइन में आई तकनीकी खराबी दूर होने के बाद शनिवार शाम से दोबारा पंपिंग शुरू कर दी गई है। यदि कोई नई तकनीकी समस्या सामने नहीं आई तो रविवार दोपहर से शहर के विभिन्न हिस्सों में नई योजना के तहत पानी की आपूर्ति शुरू हो सकती है।
शहर के लिए 392 एमएलडी क्षमता वाली इस महत्वाकांक्षी योजना के पहले चरण में 200 एमएलडी पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। प्रारंभिक परीक्षण के दौरान कुछ दिनों तक सीमित मात्रा में पानी की आपूर्ति भी की गई थी, लेकिन बाद में आवश्यक तकनीकी कार्यों के कारण व्यवस्था अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी थी।
इस बीच बांध में जलस्तर कम होने से पानी उठाने की व्यवस्था प्रभावित हो गई। स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण ने तीन सबमर्सिबल पंपों की सहायता से पानी को पाइपलाइन तक पहुंचाने की वैकल्पिक व्यवस्था की। इसके बाद वैक्यूम पंप की मदद से पूरी प्रणाली को फिर से सक्रिय किया गया और जलापूर्ति की प्रक्रिया सामान्य हो सकी।
व्यवस्था सुचारु होने के बाद मुख्य पाइपलाइन के एक वाल्व में खराबी आ गई। इसके कारण करीब पांच किलोमीटर लंबी पाइपलाइन को खाली कर मरम्मत कार्य शुरू किया गया। पाइपलाइन से पानी निकालने और तकनीकी खामी दूर करने में करीब 24 घंटे का समय लगा। युद्धस्तर पर किए गए प्रयासों के बाद शनिवार शाम को मरम्मत पूरी कर पंपिंग फिर से शुरू कर दी गई।
पंपिंग के बाद पानी नक्षत्रवाड़ी स्थित जलशोधन केंद्र तक पहुंचाया जा रहा है। यहां आवश्यक शुद्धिकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद पानी को संग्रह टैंकों में जमा किया जाएगा और फिर वितरण नेटवर्क के माध्यम से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचाया जाएगा। फिलहाल पुरानी और नई दोनों योजनाओं के समन्वय से जलापूर्ति की तैयारी की गई है।
नई योजना का लाभ सिडको और हडको क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए एन-5 स्थित जलाशय के साथ एन-2 और एन-3 जलाशयों की कनेक्टिविटी का काम पूरा कर लिया गया है। बड़ी क्षमता वाली पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति का मार्ग तैयार हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार शेष तकनीकी कार्य अगले दो दिनों में पूरे कर लिए जाएंगे।
मुख्य वाल्व की मरम्मत पूरी होने और पंपिंग शुरू होने के बाद अधिकारियों को उम्मीद है कि रविवार दोपहर से शहरवासियों को नई पेयजल योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। इससे लंबे समय से बेहतर जलापूर्ति की प्रतीक्षा कर रहे नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।