जिला प्रशासन की नई पहल, नासिक में सीएसआर से विकास को रफ्तार; प्रशासन और CSRBOX में एमओयू

CSR Development: नासिक जिले में सीएसआर के जरिए विकास को गति देने के लिए जिला प्रशासन और सीएसआरबीओएक्स के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। डीएम आयुष प्रसाद ने इसे विकास का नया रोडमैप बताया।
जिला प्रशासन की नई पहल, नासिक में सीएसआर से विकास को रफ्तार; प्रशासन और CSRBOX में एमओयू
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स : सोशल मीडिया )
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Nashik District Administration: नासिक जिले में सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के माध्यम से विकास कार्यों को नई गति देने के लिए नाशिक जिला प्रशासन और 'सीएसआरबीओएक्स' के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर डीएम आयुष प्रसाद ने कहा कि इस साझेदारी से नासिक में सामाजिक जिम्मेदारी पर आधारित विकास को बढ़ावा मिलेगा और जिले की आर्थिक पारिस्थितिकी मजबूत होगी। जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान विकास के नए रोडमैप पर चर्चा की गई।

गोदावरी बनेगी नई पहचान

इस सहयोग के तहत नासिक में 'गोदावरी गैलरी' विकसित करने की योजना है। यह केवल एक प्रदर्शनी स्थल नहीं, बल्कि एक 'सोल्यूशन एंड इम्पैक्ट इनोवेशन सेंटर' के रूप में उभरेगा। इसके माध्यम से नासिक की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर ले जाने और सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का प्रयास किया जाएगा।

महोत्सवों का होगा आयोजन

साझेदारी के तहत नासिक शहर की सांस्कृतिक विरासत को संजोने के लिए 'गोदावरी फेस्ट' जैसे बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय कलाकारों और उद्यमियों के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। कलेक्टर आयुष प्रसाद ने इसे नासिक के लिए एक रणनीतिक कदम बताया है।

इनकी रही उपस्थिति

समझौता ज्ञापन पर कलेक्टर आयुष प्रसाद और 'सीएसआरबी ओएक्स 'के सीईओ भोमिक शाह ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर जिला नियोजन अधिकारी विजय, अतिरिक्त जिला नियोजन अधिकारी दत्ता आव्हाड, अक्षय भोईटे और कई पदाधिकारी उपस्थित थे।

प्रशासन का मानना है कि यह पीपीपी मॉडल नासिक के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

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