नागपुर में होने लगा ठंड का एहसास, 14 को बारिश के आसार, बच्चों में बढ़ी कफ की शिकायत

Nagpur Weather Update: नागपुर में इन दिनों मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सुबह के वक्त वातावरण में ठंडक पसर रही है। वहीं दिन में गर्मी लगती है जबकि रात के वक्त ठंड का एहसास होने लगा है।
Nagpur Weather Update: नागपुर में इन दिनों मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सुबह के वक्त वातावरण में ठंडक पसर रही है। वहीं दिन में गर्मी लगती है जबकि रात के वक्त ठंड का एहसास होने लगा है।
नागपुर वेदर (सौजन्य-IANS, कंसेप्ट फोटो)
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Nagpur Winter Update: बारिश के थमने के बाद बीते 2-3 दिनों से अब सिटी में सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस होने लगी है। हालांकि लौटता मानसून अभी शेष है। महाराष्ट्र से मानसून की वापसी शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने सिटी में 14 अक्टूबर को हल्की बारिश की संभावना जताई है। उसके बाद ठंडक और बढ़ने के आसार हैं। फिलहाल सिटी में सुबह व शाम के बाद मौसम खुशनुमा हो रहा है।

दोपहर को तेज धूप के चलते हल्की उमस जरूर परेशान कर रही है लेकिन तापमान में भी कमी आई है। मौसम विभाग ने शनिवार को सिटी का अधिकतम तापमान 32.0 डिसे दर्ज किया जो औसत से 1.5 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 20.4 डिसे दर्ज किया गया जो औसत से 1.2 डिग्री कम रहा।

खुला रहेगा मौसम

विभाग ने संभावना जताई है कि 17 अक्टूबर तक मौसम खुला रहेगा। 14 अक्टूबर को ही मौसम का मूड बदल सकता है। इस दिन सिटी में 1-2 स्पेल की हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान 31 डिसे और न्यूनतम तापमान के 21-22 डिसे तक बने रहने की संभावना है।

अचानक बच्चों में बढ़ी कफ की शिकायत

नागपुर में मौसम में बदलाव की वजह से स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ रहा है। सुबह की शिफ्ट में स्कूल जाने बच्चों में कफ, सर्दी और जुकाम की शियकात बढ़ी है। डॉक्टरों की मानें तो यह संक्रमण तेजी से फैलता है। हालांकि अभी ठंड शुरू नहीं हुई है। उससे पहले वातावरण में नमी की वजह से मौसम कूल होने लगा है। बच्चों में सर्दी, जुकाम और कफ की शिकायत बढ़ी है।

मेडिकल के बालरोग विभाग की हर दिन की ओपीडी 200 से अधिक होती है। इनमें से 6 महीने से 2 वर्ष के बच्चों में कफ अधिक देखने को मिल रहा है। वहीं 10-12 वर्ष आयु के बच्चों में जुकाम, शरीर में दर्द की शिकायत बढ़ी है। बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अविनाश गावंडे के अनुसार मौसम में बदलाव की वजह से ऐसा हो रहा है। इस बार बारिश अधिक दिनों तक हुई है। अब जल्द ही ठंड शुरू होगी।

सुबह के वक्त स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानी होती है। साथ ही बच्चे एक-दूसरे के साथ खेलते है। इससे संक्रमण तेजी से फैलता है। हाल ही में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत की घटनाओं की वजह से वैसे भी अभिभावकों में भय का माहौल है। डॉ. अनिल राऊत ने बताया कि सीजनल फीवर में घबराने जैसी कोई बात नहीं है। कफ ज्यादा दिनों तक रहे तो निमोनिया में तब्दील हो सकता है। इसलिए विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। नवजातों को समय पर डॉक्टर को दिखाए ताकि बीमारी ज्यादा न फैल सके।

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