BMC चुनाव अकेले लड़ेगी कांग्रेस, चेन्निथला के बाद पृथ्वीराज चव्हाण ने दिए संकेत

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के भीतर यह बहुत मजबूत राय है कि पार्टी को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) का चुनाव अकेले लड़ना चाहिए।
पृथ्वीराज चव्हाण बोले महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस में ‘मजबूत राय' कि बीएमसी चुनाव अकेले लड़ा जाए
पृथ्वीराज चव्हाण (सोर्स: सोशल मीडिया)
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मुंबई: महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। एक तरफ जहां ठाकरे बंधु एक होने में जुटे हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस महाविकास आघाडी (MVA) से अलग होने की राह तलाश रही है। विधानसभा चुनाव में गठबंधन की करारी हार के बाद तीनों पार्टियां साथ चुनाव लड़ने से कतरा रही हैं। कांग्रेस लगातार अलग चुनाव लड़ने के संकेत दे रही है।

कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला के बयान के एक दिन बाद महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को बयान सामने आया है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि प्रदेश कांग्रेस के भीतर यह ‘‘बहुत मजबूत राय'' है कि पार्टी को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) का चुनाव अकेले लड़ना चाहिए।

पृथ्वीराज चव्हाण के बयान के एक दिन पहले कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला ने कहा था कि कांग्रेस आगामी 7 जुलाई को इस बारे में निर्णय करेगी कि बीएमसी का चुनाव एमवीए के सहयोगी दलों के साथ मिलकर लड़ना है या कोई दूसरी राह अपनानी है।

गठबंधन का निर्णय कांग्रेस जिला इकाई लेती है

पृथ्वीराज चव्हाण ने ‘पीटीआई-भाषा' को दिए साक्षात्कार में कहा कि जिला परिषदों, पंचायत समितियों और दूसरे स्थानीय निकाय के चुनावों में आमतौर पर गठबंधन के बारे में कांग्रेस जिला इकाई निर्णय लेती रही है, लेकिन यह तय है कि सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति से संबंधित किसी भी पार्टी के साथ तालमेल नहीं होगा। क्या कांग्रेस बीएमसी चुनाव गठबंधन में लड़ेगी या अकेले? इस सवाल के जवाब में पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि इस बारे में दो राय हैं। एक यह है कि कांग्रेस का झंडा हर घर के हर बूथ पर जाना चाहिए। यदि आप बहुदलीय गठबंधन में लड़ते हैं, तो हमें कुछ निर्वाचन क्षेत्र छोड़ने होंगे।

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हुआ नुकसान

कांग्रेस नेता ने कहा कि विधानसभा चुनाव में हमारा अनुभव बहुत खराब था। हमारे कुछ गठबंधन सहयोगियों ने उन सीटों पर लड़ने पर जोर दिया, जहां उनका कोई आधार नहीं था और उन्हें वे टिकट दिए गए तथा उन्हें केवल 2,000 वोट मिले। इसलिए निश्चित रूप से हमें नुकसान हुआ। बता दें कि एमवीएम में कांग्रेस के अलावा शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) शामिल है।

उन्होंने कहा कि हम मुंबई में कम से कम 4-5 अतिरिक्त सीट और अन्य स्थानों पर कई सीट हासिल कर सकते थे। उन्होंने कहा कि पार्टी में बहुत मजबूत राय है कि कम से कम बीएमसी का चुनाव कांग्रेस को अलग से लड़ना चाहिए।

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