

Gaurav Bhatia Target Rahul Gandhi: भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर अमेरिका की एक रिपोर्ट के बहाने 'भारत को बदनाम करने' और 'एंटी-इंडिया नैरेटिव' का समर्थन करने का आरोप लगाया। दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि वह भारी मन से बोल रहे हैं क्योंकि कांग्रेस ने एक ऐसा पोस्ट साझा किया है।
इस पोस्ट में यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। साथ ही इस रिपोर्ट में भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की आलोचना की गई है।
भाजपा के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पोस्ट दिखाया। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं आपको कांग्रेस के सत्यापित हैंडल से किया गया एक ट्वीट दिखाना चाहता हूं, जो हमारी प्रेस कॉन्फ्रेंस का आधार है। एक विपक्षी दल भारत को बदनाम करने पर तुला हुआ है। राहुल गांधी भारत विरोधी ताकतों का साथ दे रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह सिफारिश यूएससीआईआरएफ द्वारा डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन को की गई थी।
गौरव भाटिया ने राहुल गांधी के “मोहब्बत की दुकान” वाले बयान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह “एंटी-इंडिया सामान” बेच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल देश को बदनाम करने पर तुला हुआ है। कांग्रेस के पोस्ट में यूएससीआईआरएफ की उस सिफारिश का जिक्र किया गया था। जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन से आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने, उसकी संपत्ति जब्त करने और उसके सदस्यों के अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगाने की बात कही गई थी। पोस्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि महात्मा गांधी की हत्या के बाद 1948 में देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था।
गौरव भाटिया ने यह भी दावा किया कि यूएससीआईआरएफ रिपोर्ट में रॉ और आरएसएस जैसे संगठनों पर लक्षित प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान रॉ से डरता है और अब भारत के विपक्ष के नेता भी रॉ के खिलाफ खड़े नजर आ रहे हैं, यह चिंताजनक है। भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वे अमेरिकी सांसद इल्हान ओमर से मिलते हैं, जो भारत में लोकतंत्र पर सवाल उठाती रही हैं।
दरअसल, यूएससीआईआरएफ की 2026 की वार्षिक रिपोर्ट में अमेरिकी सरकार से भारत को “कंट्री ऑफ पार्टिकुलर कंसर्न” घोषित करने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति खराब हुई है और खासकर मुस्लिम और ईसाई अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव और हिंसा बढ़ी है। रिपोर्ट में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) जैसे विधायी कदमों का भी उल्लेख किया गया है।