

Maharashtra Assembly Winter Session: राज्य की महायुति सरकार ने महाराष्ट्र विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र की तारीखें तय कर दी हैं। यह सत्र 8 दिसंबर से 14 दिसंबर तक नागपुर में आयोजित किया जाएगा। यह निर्णय विधानभवन में हुई बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की अहम बैठक में लिया गया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे, और उपमुख्यमंत्री अजित पवार मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार, यह सत्र कुल 7 दिनों का होगा। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधायी और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
महाराष्ट्र विधानसभा का बहुप्रतीक्षित शीतकालीन सत्र 8 दिसंबर से नागपुर में शुरू होगा। 7 दिनों तक चलने वाले इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधायी और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। सभी की निगाहें अहम प्रस्तावों और नीतियों पर टिकी हैं।
बैठक के दौरान यह तय किया गया कि विधानसभा की प्रमुख बैठकें 13 और 14 दिसंबर को होंगी, जो क्रमशः शनिवार और रविवार को पड़ रही हैं। इसके बावजूद, सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोनों दिन कार्यवाही सामान्य रूप से जारी रहेगी। सभी की निगाहें अब 8 दिसंबर से शुरू हो रहे सत्र पर टिकी हैं, जहां कई अहम प्रस्तावों और नीतियों पर चर्चा होने की संभावना है।
महाराष्ट्र का शीतकालीन सत्र परंपरागत रूप से नागपुर में ही होता है। यह परंपरा नागपुर के राजनीतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए वर्षों से जारी है। इस बार सत्र का समय खास है क्योंकि इसका आयोजन राज्य के स्थानीय निकाय चुनावों के बीच हो रहा है।
सत्र शुरू होने से पहले मंगलवार को राज्य के 264 स्थानीय निकायों में चुनाव कराए गए। वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के चलते 24 अन्य निकायों के चुनाव 20 दिसंबर तक टाल दिए हैं। इसके अलावा, 76 निकायों के कुल 154 वार्डों में भी चुनाव 20 दिसंबर को होंगे। सभी 288 निकायों की मतगणना 21 दिसंबर को एक साथ होगी।
नागपुर राजनीतिक दृष्टि के साथ-साथ सांस्कृतिक और भौगोलिक दृष्टि से भी बेहद खास शहर है। नागपुर का ‘नागपुरी संतरा’ देशभर में प्रसिद्ध है। इस शहर को भारत का भौगोलिक केंद्र भी कहा जाता है। ऐतिहासिक रूप से, नागपुर एक समय मध्य प्रदेश का हिस्सा था, जिसके बाद इसे महाराष्ट्र में शामिल किया गया।