मार्च में किस दिन है चैत्र शिवरात्रि? वैवाहिक सुख और मनोकामना पूर्ति के लिए इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा

Shivaratri Pooja Vidhi:चैत्र मासिक शिवरात्रि इस वर्ष 17 मार्च को है। यह हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधिपूर्वक पूजा की जाती है।
Chaitra Masik Shivaratri Date
भगवान शिव और माता पार्वती(सौ.सोशल मीडिया)
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Chaitra Masik Shivaratri Date: 17 मार्च को चैत्र महीने की पहली मासिक शिवरात्रि है। यह पर्व हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मनाया जाता है। इस अवसर पर भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है। यह व्रत वैवाहिक सुख और मनोकामना पूर्ति के लिए किया जाता है, जिसमें गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भांग से शिवजी का अभिषेक किया जाता है।

पूजा में "ॐ नमः शिवाय" का जाप और शिव चालीसा का पाठ विशेष फलदायी है। आइए चैत्र महीने की मासिक शिवरात्रि की तिथि और शुभ मुहूर्त के बारे में जानते हैं-

कब है चैत्र मासिक शिवरात्रि 2026

तिथि: 17 मार्च 2026 चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 17 मार्च 2026 को सुबह 9:23 बजे चतुर्दशी तिथि समाप्त: 18 मार्च 2026 को सुबह 8:25 बजे

पूजा विधि और नियम

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और उपवास का संकल्प लें।
  • शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद, घी और मिश्री (पंचामृत) से अभिषेक करें।
  • बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद चंदन, और सफेद फूल अर्पित करें।
  • माता पार्वती को सुहाग की सामग्री और लाल फूल चढ़ाएं।
  • "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का 108 बार जाप करें और शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करें।
  • इस दिन एक समय भोजन (फलाहार) या निर्जला व्रत रख सकते हैं।

चैत्र मासिक शिवरात्रि का महत्व

चैत्र मासिक शिवरात्रि हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आती है और भगवान शिव की विशेष पूजा का अवसर होती है। इस दिन शिव की उपासना करने से पापों का नाश होता है और मानसिक शांति मिलती है। पूजा और व्रत करने से करियर, व्यवसाय और पारिवारिक जीवन में सफलता और समृद्धि प्राप्त होती है। साथ ही, यह दिन स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी शुभ माना जाता है। शिवभक्तों के लिए यह अवसर विशेष है, क्योंकि इस दिन भक्ति और ध्यान से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

मासिक शिवरात्रि के दिन करें ये उपाय

उन्नति और सरकारी कार्यों के लिए: बेल पत्रों पर चंदन से 'ॐ नमः शिवाय' लिखकर बेल पत्रों की माला बनाएं और फिर इसे शिवलिंग पर चढ़ाएं। मनोकामना पूर्ति के लिए: एक कागज़ पर अपनी मनोकामना लिखकर उसे लाल कपड़े में बांधकर शिवलिंग के पास रखें या फिर बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें।

क्रोध को नियंत्रित करने के लिए: शिव मंदिर जाकर भगवान शिव को जौ के आटे से बनी रोटियों का भोग लगाएं या केवल जौ के दाने चढ़ाएं।

धन-समृद्धि के लिए: सुबह स्नान के बाद शिव मंदिर जाएं, शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और रुद्राभिषेक करें।

विशेष पाठ: मासिक शिवरात्रि के दिन शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करने से विशेष फल प्राप्त होता है।

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