

PM Modi on Mamata Banerjee: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को आदिवासी समुदाय के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल पहुंचीं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उनके स्वागत के लिए एयरपोर्ट पर नहीं पहुंचीं। इसके साथ ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यहां कुछ ऐसा कहा जिस पर सियासी खींचतान शुरू हो गई है। इसे लेकर पीएम मोदी ने भी ममता बनर्जी पर हमला बोला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बयान वाले वीडियो को कोट करते हुए लिखा कि राष्ट्रपति, जो खुद आदिवासी समुदाय से आते हैं ने जो दर्द और दुख जताया है, उससे भारत के लोगों को बहुत दुख हुआ है। पश्चिम बंगाल में TMC सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं।
राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन जिम्मेदार है। यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल सरकार संथाल संस्कृति जैसे जरूरी मुद्दे को इतनी लापरवाही से ले रही है। राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और इसकी गरिमा का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए।
दरअसल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को वहां के आदिवासी समुदाय ने अपने वार्षिक कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया था। राष्ट्रपति का कार्यक्रम सिलीगुड़ी के बिधाननगर में आयोजित किया जाना था, लेकिन अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कार्यक्रम स्थल को गोशाईपुर में स्थानांतरित कर दिया।
शनिवार को जब राष्ट्रपति पहुंचीं तो वहां कुछ ही लोग मौजूद थे। इसके साथ ही प्रोटोकॉल के उलट, राष्ट्रपति मुर्मू के स्वागत के लिए कोई मौजूद नहीं था। वहां, सिर्फ सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब ही मौजूद थे। जबकि राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल के मुताबिक, प्रेसिडेंट के स्वागत के लिए आमतौर पर मुख्यमंत्री या राज्य सरकार का कोई मंत्री मौजूद होता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्य सरकार से अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी मेरी 'छोटी बहन' जैसी हैं। मैं भी बंगाल की बेटी हूं। मुझे नहीं पता कि वह नाराज़ हैं या नहीं। उन्होंने आदिवासी समुदाय के कार्यक्रम की जगह बिधाननगर से गोशाईपुर शिफ्ट करने पर भी सवाल उठाया और कहा कि अगर कार्यक्रम बिधाननगर में होता तो अधिक लोग शामिल हो पाते।
राष्ट्रपति के इस बयान के बाद ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। वह प्रेसिडेंट की इज्जत करती हैं, लेकिन अगर कोई 50 बार आए तो हर बार कार्यक्रम में शामिल हो पाना नामुमकिन है। उन्होंने कहा कि वह अभी धरने पर हैं और उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि किस इवेंट का जिक्र हो रहा है।
इसके आगे ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए कहा कि आपने एक समुदाय का जिक्र किया और बंगाल के बाकी समुदायों को छोड़ दिया। मैं अपने सांसदों से रिक्वेस्ट करता हूं कि वे राष्ट्रपति भवन से समय निकालकर उन्हें बंगाल में एससी-एसटी कम्युनिटी के डेवलपमेंट के लिए किए गए कामों के बारे में बताएं।