

मुंबई: मुंबई राज्य की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मत्स्य पालन और बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने बताया कि सरकार समुद्री सुरक्षा को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता देती रही है और अब इस दिशा में हाई-स्पीड गश्ती नौकाएं तैनात कर सुरक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। रविवार को मंत्री राणे ने मुंबई के मछली बंदरगाह परिसर में हाल ही में तैनात की गई आधुनिक गश्ती नौका का निरीक्षण किया।
इस अवसर पर मत्स्य पालन आयुक्त किशोर तावड़े, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और गश्ती नौकाएं आपूर्ति करने वाली कंपनी के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। मंत्री राणे ने कहा कि राज्य सरकार ने समुद्री निगरानी के लिए ड्रोन आधारित सुरक्षा तंत्र की स्थापना की है, जो मछुआरों की गतिविधियों की निगरानी के साथ ही आपातकालीन स्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करता है।
इस प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाने के लिए अब 15 आधुनिक हाई-स्पीड गश्ती नौकाएं तटीय क्षेत्रों में तैनात की जाएंगी। इनमें से 5 नौकाएं पहले ही कार्यरत हो चुकी हैं। इन नौकाओं की मदद से अवैध मछली शिकार, तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण किया जा सकेगा, साथ ही मछुआरों और समुद्री क्षेत्र में कार्यरत नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
मंत्री राणे ने यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार मुंबई में दिसंबर 2026 तक ‘वॉटर मेट्रो’ शुरू करने की योजना पर काम कर रही है। यह परियोजना मुंबई की यातायात समस्या का समाधान बनेगी। वॉटर मेट्रो एक सुरक्षित, तेज़ और किफायती जल परिवहन माध्यम होगा, जिससे यात्रियों का समय और धन दोनों की बचत होगी।
राज्य सरकार की ओर से नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे समुद्री क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस या मत्स्य विभाग को दें। इससे सुरक्षा प्रणाली को मजबूत किया जा सकेगा। राज्य सरकार द्वारा समुद्री सुरक्षा को लेकर उठाए जा रहे कदम निश्चित रूप से प्रशंसनीय हैं।
हाई-स्पीड गश्ती नौकाएं और आधुनिक तकनीक की मदद से अब तटीय क्षेत्रों में निगरानी और बचाव कार्य अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा। आने वाले समय में यह प्रणाली न केवल समुद्री अपराधों पर नियंत्रण करेगी, बल्कि समुद्री आपदाओं के समय त्वरित प्रतिक्रिया में भी मददगार साबित होगी।