इन्वेस्टमेंट स्कैम का कहर: 6 महीने में 30 हजार लोग बने शिकार, 1500 करोड़ रुपये का नुकसान

Investment Fraud: साइबर फ्रॉड का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्कैमर्स लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके ईजाद कर रहे हैं। साइबर विंग की हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ऐसे कई केस सामने आ रहे है।
इन्वेस्टमेंट स्कैम का कहर: 6 महीने में 30 हजार लोग बने शिकार, 1500 करोड़ रुपये का नुकसान
Investment में हुआ बड़ा स्कैम। (सौ. AI)
Published on: 
Updated on: 

Investment Scam: देशभर में साइबर फ्रॉड का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्कैमर्स लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके ईजाद कर रहे हैं। गृह मंत्रालय की साइबर विंग की हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बीते 6 महीनों में इन्वेस्टमेंट स्कैम के जरिए 30 हजार से अधिक लोगों को ठगा गया है। इन फ्रॉड्स में लोगों को करीब 1500 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया है।

सबसे ज़्यादा प्रभावित शहर बेंगलुरू, दिल्ली-NCR और हैदराबाद

रिपोर्ट के अनुसार, इन्वेस्टमेंट स्कैम के 65% मामले देश के तीन बड़े शहरों बेंगलुरू, दिल्ली-NCR और हैदराबाद से जुड़े हैं। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के अनुसार, स्कैमर्स ने सबसे ज्यादा बेंगलुरू के यूज़र्स को निशाना बनाया है। अकेले बेंगलुरू में कुल नुकसान का 26.38% हिस्सा दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन शहरों में डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, जिसका फायदा साइबर अपराधी उठा रहे हैं।

30 से 60 वर्ष आयु वर्ग सबसे बड़ा टार्गेट

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि स्कैमर्स मुख्य रूप से 30 से 60 वर्ष की उम्र के लोगों को टार्गेट कर रहे हैं। इनकी संख्या कुल मामलों का 76% है। ये वही वर्ग है जो अपनी आर्थिक रूप से स्थिर और निवेश करने वाली उम्र में होता है। यानी साइबर अपराधी सीधे उन लोगों को निशाना बना रहे हैं जो अपनी प्राइम अर्निंग एज में हैं।

सीनियर सिटीजन्स भी नहीं बचे ठगों से

हालांकि, इस बार 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को भी निशाना बनाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस वर्ग के 8.62% लोग (करीब 2829 व्यक्ति) इन्वेस्टमेंट स्कैम का शिकार हुए हैं। इन पीड़ितों ने लाखों रुपये गवांए हैं, और कई मामलों में रिटायरमेंट सेविंग्स तक गंवा बैठे।

प्रति व्यक्ति औसतन 51 लाख रुपये का नुकसान

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि औसतन प्रत्येक पीड़ित को 51.38 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में प्रति व्यक्ति नुकसान की राशि सबसे अधिक रही है। साइबर अपराधी सोशल मीडिया, ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप्स, व्हाट्सएप ग्रुप्स और ईमेल लिंक जैसे डिजिटल चैनलों का इस्तेमाल कर निवेश का लालच देकर लोगों को जाल में फंसा रहे हैं।

सतर्क रहें, जागरूक बनें

विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी अनजान लिंक, इन्वेस्टमेंट स्कीम या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता जांचें। सरकारी अथवा मान्यता प्राप्त वित्तीय संस्थानों से ही निवेश करें और फिशिंग कॉल या फर्जी वेबसाइट से सतर्क रहें।

Navbharat Live
navbharatlive.com