

Amol Mitkari On Ajit Pawar Death: पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकां) गंभीर नेतृत्व संकट के दौर से गुजर रही है। सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने के बावजूद पार्टी के भीतर अगली पीढ़ी के नेतृत्व को लेकर स्पष्ट सहमति नहीं बन पाई है।
एक ओर जहां संगठन को एकजुट रखने की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी ओर अंदरूनी असंतोष और चुप विरोध की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। इसी बीच दिवंगत अजित पवार के करीबी सहयोगी और राकां नेता अमोल मिटकरी ने विमान हादसे को लेकर कई गंभीर सवाल उठाकर राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।
सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में मिटकरी ने कहा कि हादसे में छह लोगों की मौत की बात कही गई, लेकिन घटनास्थल से केवल पांच शव मिलने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में छठा व्यक्ति कहां है, यह एक बड़ा सवाल है।
उन्होंने यह भी पूछा कि टेक-ऑफ से पहले यात्रियों की सूची डिजिटल रूप से दर्ज की जाती है, तो फिर यात्रियों की संख्या को लेकर भ्रम कैसे पैदा हुआ। मिटकरी ने दुर्घटनास्थल की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी आग की घटना के बावजूद वहां कोई कागज या दस्तावेज जला हुआ क्यों नहीं दिखा।
मिटकरी ने यह भी सवाल उठाया कि उड़ान से पहले पायलटों में बार-बार बदलाव क्यों किए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सवाल पूछना अफवाह फैलाना नहीं होता, बल्कि यह पारदर्शिता और सच्चाई तक पहुंचने का माध्यम है।
अमोल मिटकरी ने कहा कि अजित पवार के निधन को स्वीकार कर पाना आज भी पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए बेहद कठिन है। उन्होंने बताया कि देवगिरी में रखी दो कुर्सियों को देखकर उनकी आंखें नम हो गईं कि एक आम लोगों की शिकायतें सुनने वाले व्यक्ति की और दूसरी ‘दादा’ की। कुल मिलाकर, राकां इस समय न केवल भावनात्मक आघात से जूझ रही है, बल्कि नेतृत्व और भविष्य की दिशा को लेकर भी कठिन दौर से गुजर रही है।