पशुपालकों के लिए खुशखबरी: IBF तकनीक से बदलेगी भंडारा की डेयरी तस्वीर, 75% तक अनुदान

Bhandara Dairy Project:विदर्भ-मराठवाडा दुग्ध विकास परियोजना के दूसरे चरण में भंडारा के 1,129 पशुपालक जुड़े हैं। आधुनिक तकनीक और 75% तक अनुदान से दूध उत्पादन बढ़ेगा।
Good news for livestock farmers: IBF technology will transform the dairy sector in Bhandara, with subsidies of up to 75%.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Vidarbha Marathwada Milk Scheme: भंडारा जिले की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और पशुपालकों के जीवन में समृद्धि लाने के उद्देश्य से विदर्भ-मराठवाडा दुग्ध विकास परियोजना का दूसरा चरण गति पकड़ रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और डेयरी व्यवसाय को आधुनिक तकनीक के साथ नया विस्तार मिलेगा।

अब तक इस योजना के लिए जिले के 1,129 इच्छुक पशुपालकों ने अपना पंजीकरण कराया है। दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए इस परियोजना के तहत पारंपरिक तरीकों के बजाय आधुनिक तकनीक पर जोर दिया जा रहा है। योजना के अंतर्गत उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाले गाय और भैंसों की खरीद के लिए 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।

इस योजना का मुख्य आकर्षण आईबीएफ तकनीक के माध्यम से विकसित की गई बछिया हैं, जिन पर 75 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। इससे भविष्य में जिले के कुल दूध संकलन में रिकॉर्ड वृद्धि होने की उम्मीद जताई जा रही है। पशुपालकों की लागत कम करने के लिए सरकार ने विभिन्न घटकों पर अनुदान का सुरक्षा कवच प्रदान किया है।

चारे की समस्या के स्थायी समाधान के लिए बहुवर्षीय चारा बीज पर 100 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही पशुओं को पौष्टिक आहार देने और मेहनत कम करने के लिए विद्युत चलित कुट्टी मशीन पर 50 प्रतिशत की छूट उपलब्ध है। दूध की गुणवत्ता सुधारने के लिए पशु आहार और अन्य वर्धकों पर 25 प्रतिशत अनुदान के साथ-साथ मुरघास की खरीद पर 3 रुपये प्रति किलो की सीधी आर्थिक मदद लाभार्थियों को दी जाएगी।

स्वरोजगार का बनेगा जरिया

प्रशासन का लक्ष्य केवल अनुदान देना ही नहीं, बल्कि पशुपालकों को आधुनिक गोठ प्रबंधन और स्वास्थ्य संबंधी प्रशिक्षण देना भी है। बांझपन निवारण शिविरों के माध्यम से पशुओं के स्वास्थ्थ की देखभाल की जाएगी, जिससे दुधारू पशुओं का भाकड कात कम हो सके, यह परियोजना ग्रामीण शिक्षित बेरोजगारों के लिए स्वरोजगार का एक बड़ा जरिया बनेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था सशक्त होगी और पलायन की समस्या पर भी अंकुश लगेगा। यह भा पढ़ें:-येवला में अजीत पवार को सर्वदलीय श्रद्धांजलि, उमड़ा जनसैलाब; नेताओं ने साझा किए संस्मरण

पंजीयन की प्रक्रिया पूरी तरह होगी पारदर्शी

पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है। अब तक 514 लाभार्थियों का चयन किया जा चुका है, जबकि कुछ आवेदनों की तकनीकी जाच लंबित है। इस परियोजना के लिए पंजीकरण की कोई अंतिम तिथि तय नहीं की गई है। इच्छुक पशुपालक आधार कार्ड, 7/12 उतारा और बैंक विवरण के साथ vmddp।com वेबसाइट पर अपना पंजीकरण करा सकते है।

-जिला परियोजना अधिकारी, डॉ. दीपक मदिकुटावार

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