

Ajit Pawar Death Impact: बारामती में बुधवार को हुए विमान हादसे में उप मुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है।
इस घटना ने न केवल सत्ताधारी गठबंधन के समीकरण बदले हैं, बल्कि राज्य के प्रशासनिक संतुलन पर भी गहरा असर डाला है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की स्थापना 10 जून 1999 को हुई थी। बीते 27 वर्षों में यह पहली बार है जब सत्ता में रहते हुए पार्टी के पास वित्त विभाग नहीं है। वर्ष 2014 से 2019 के बीच भाजपा सरकार के पांच साल और एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री रहते एक वर्ष को छोड़ दें, तो लगभग 21 वर्षों तक वित्त मंत्रालय एनसीपी के पास रहा।
एनसीपी के वित्तीय प्रभुत्व की पहचान अजित पवार और जयंत पाटील जैसे नेताओं से रही है। अजित पवार ने अब तक सबसे अधिक 10 बार महाराष्ट्र का बजट पेश किया, जबकि जयंत पाटील ने 1999 से 2008 तक लगातार नौ वर्षों तक बजट प्रस्तुत किया था। यह रिकॉर्ड राज्य की राजनीति में एनसीपी की मजबूत पकड़ को दर्शाता है।
अजित पवार के निधन के बाद शनिवार को सुनेत्रा पवार ने राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। हालांकि, उन्हें अजित पवार के पास रहे वित्त विभाग की जिम्मेदारी नहीं दी गई है। इसके बजाय उन्हें तीन अन्य महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं।
वित्त विभाग अब भाजपा के पास चला गया है। इस बार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस राज्य का बजट पेश करेंगे। महाराष्ट्र के इतिहास में सबसे अधिक बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड शेषराव चानखेड़े के नाम दर्ज है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वित्त विभाग के इस बदलाव से आगामी नीतियों और प्राथमिकताओं पर भाजपा की स्पष्ट छाप देखने को मिलेगी।