
शर्मिला पिंपोलकर गायकवाड़ (सौ. सोशल मीडिया )
Deputy CM Eknath Shinde On Thane Mayor: अपने मुख्यमंत्री के कार्यकाल में ‘लाड़की बहिण’ योजना लाकर महाराष्ट्र की सत्ता में जोरदार वापसी करने वाले डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे राज्य भर में ‘लाड़का भाऊ’ यानी लाडले भाई के नाम से जाने जाते हैं।
इसी तरह ठाणे भी एकनाथ शिंदे की शिवसेना का गढ़ कहा जाता है। पिछले माह हुए मनपा चुनाव में ठाणे मनपा में सर्वाधिक 76 सीटें लेकर शिंदे की शिवसेना ने अपना वर्चस्व साबित किया था। अब शिंदे के अपने गढ़ ठाणे ही नहीं बल्कि उनके वर्चस्व वाले कल्याण-डोम्बीवली व उल्हासनगर के महापौर पद की बागडोर महिलाओं के हांथ होगी।
ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में शिवसेना की शर्मिला पिंपोलकर गायकवाड़ मंगलवार को ठाणे की निर्विरोध महापौर चुनी जाएंगी। उल्लेखनीय है कि ठाणे का मेयर पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था।
शिंदे यदि चाहते तो एससी वर्ग के किसी और नगरसेवक को महापौर बना सकते थे,लेकिन उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र कोपरी पांचपखाडी के वार्ड क्रमांक 20 से नगरसेविका चुनी गई शर्मिला पिम्पोलकर को मेयर के लिए चुना। शर्मिला दूसरी बार नगरसेविका बनी हैं। शहर में चर्चा है कि डिप्टी सीएम शिंदे ने आखिर लाड़ली बहन को शहर का मेयर बना कर अपने ‘लाड़का भाऊ’ होने का संदेश दिया है।
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एमएमआर में आने वाले नवी मुंबई और मीरा भायंदर शहरों में भी महिला राज होगा। नवी मुंबई में वन मंत्री गणेश नाइक की कट्टर समर्थक सुजाता पाटील मेयर होंगी जबकि डिप्टी मेयर बीजेपी के ही दशरथ भगत होंगे। मीरा भायंदर में भी बीजेपी की डिंपल मेहता दूसरी बार शहर की महापौर होंगी। वे शहर विधायक के विधायक नरेंद्र मेहता के भाई की पत्नी हैं। इस तरह पहली बार मुंबई के साथ साथ एमएमआर के शहरों में महिला यानी लाड़की बहनों का राज होगा। आर्थिक राजधानी मुंबई मनपा में बीजेपी की महिला मेयर चुनी जाएगी।
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए सूर्यप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट






