जालना पर मेहरबान हुए इंद्रदेव: 24 घंटे में 83.1 मिमी औसत बारिश, खरीफ फसलों को मिला नया जीवनदान!

Jalna Heavy Rain: जालना जिले में तेज बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। 24 घंटे में औसतन 83.1 मिमी वर्षा दर्ज हुई। कई राजस्व मंडलों में भारी बारिश से खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
Rain God smiles upon Jalna: 83.1 mm average rainfall in 24 hours; Kharif crops get a new lease of life!
जालना जिले में तेज बारिश (सोर्सः AI डिजाइन फोटो)
Updated on

Jalna Kharif Crop Relief: जालना जिले में हुई तेज वर्षा ने अन्नदाताओं और आम नागरिकों को बड़ी राहत दी है। गत 24 घंटों में सुबह 8 बजे तक जिले में औसतन 83.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई। जिले के 50 में से 39 राजस्व मंडलों में 65 मिमी से अधिक बारिश होने से खरीफ फसलों को लाभमिला है। इंद्रदेव के प्रसन्न होने से नदियां, नाले व छोटे जलस्रोत फिर से बहने लगे हैं व जलाशयों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है।

सबसे अधिक वर्षा भोकरदन तहसील में 107.9 मिमी दर्ज की गई। यही नहीं, जालना में 95 मिमी, मंठा में 86.9, परतूर में 80.9, जाफराबाद में 80.4, बदनापुर में 77.2, घनसावंगी में 71.9 व अंबड़ में 59.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

जिले में अब तक औसत वार्षिक वर्षा का 61.6 फीसदी पानी बरस चुका है। यदि आगामी दिनों में भी इसी तरह वर्षा जारी रही, तो सिंचाई परियोजनाओं के जलाशयों में जलसंग्रह बढ़ेगा व सूखे की आशंका भी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।

तेज बारिश से 3 मकान हुए क्षतिग्रस्त

मौसम विभाग ने शनिवार को भी जिले में वर्षा की संभावना जताई है। लगातार तेज वर्षा के चलते बदनापुर तहसील के सागरवाड़ी गांव में स्वरूपचंद गुशिंगे का मकान क्षतिग्रस्त हो गया। मंठा तहसील के किरला गांव में 2 मकानों की दीवारें ढह गई।

प्रशासन ने नुकसान का पंचनामा शुरू कर दिया है। जिले में सबसे अधिक 155.5 मिमी वर्षा हसनाबाद राजस्व मंडल में दर्ज की गई। बावणे पांगरी में 113.5 मिमी, सेवली में 110.8 व वाघूल में 110.5 मिमी वर्षा हुई।

 यह भी पढ़ें:-

भारी वर्षा वाले प्रमुख क्षेत्र

जालना शहर, जालना ग्रामीण, वाधूल, नेर, सेवली, विरेगांव, रामनगर, पाचनवडगांव, भोकरदन, सिपोरा, धावडा, आनवा, पिंपलगांव, हसनाबाद, राजूर, केदारखेड़ा, सेलगांव, दाभाड़ी, बावणे पांगरी, माहोरा, कुंभारझरी, टेंभुर्णी, वरूड, परतूर, वाटूर, आष्टी, श्रीष्टी, सातोना खुर्द, घनसावंगी, राणी उंचेगांव, रांजणी, जांबसमर्थ, पानेवाड़ी, मंठा, तलणी, ढोकसाल, पांगरी गोसावी, रोहिलागढ़ व धनगर पिंपरी में 65 मिमी से अधिक वर्षों दर्ज की गई।

Navbharat Live
navbharatlive.com