

Mitmita Safari Park Development: छत्रपति संभाजीनगर मिटमिटा में विकसित किए जा रहे अत्याधुनिक सफारी पार्क को प्राकृतिक वन जैसा वातावरण देने की दिशा में महानगरपालिका ने नई पहल शुरू की है। पार्क में छोटे पौधों के बजाय 10 से 12 फुट ऊंचे 150 विकसित पेड़ लगाए जाएंगे, ताकि पशुओं को शुरू से ही प्राकृतिक छाया और अनुकूल वातावरण मिल सके।
हैदराबाद मुक्ति संग्राम दिवस के अवसर पर इन पेड़ों का रोपण करने की तैयारी की जा रही है। महानगरपालिका आयुक्त अमोल येडगे ने इसकी जानकारी दी। मनपा स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत मिटमिटा में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक सफारी पार्क विकसित कर रही है।
इस परियोजना के साथ सिद्धार्थ उद्यान स्थित चिड़ियाघर को भी यहां स्थानांतरित करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रिया पूरी की जा रही हैं।
सफारी पार्क में व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया गया है, लेकिन इन पौधों को बड़े पेड़ बनने में कई वर्ष लगेंगे। ऐसे में चिड़ियाघर के पशुओं के स्थानांतरण के बाद उन्हें तत्काल प्राकृतिक छाया उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नर्सरी से सीधे 10 से 12 फुट ऊंचे विकसित पेड़ लगाने का निर्णय लिया गया है।
इससे पशुओं को नए वातावरण में आसानी से अनुकूल होने में मदद मिलेगी। महानगरपालिका ने 150 बड़े पेड़ों की खरीद के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। इनमें से 100 पेड़ पशुओं के बाड़ों और उनके प्राकृतिक आवास वाले क्षेत्रों में लगाए जाएंगे, जबकि शेष 50 पेड़ सफारी पार्क की आंतरिक सड़कों के दोनों ओर रोपे जाएंगे।
पार्क में आने वाले पर्यटकों को भी हरियाली और प्राकृतिक छाया का अनुभव मिलेगा। सिद्धार्थ उद्यान के चिड़ियाघर को मिटमिटा सफारी पार्क में स्थानांतरित करने के लिए केंद्रीय प्राणी उद्यान प्राधिकरण (सेंट्रल जू अथारिटी) को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
प्राधिकरण से अनुमति मिलने के बाद स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। महानगरपालिका प्रशासन का अनुमान है कि यदि सभी प्रशासनिक और तकनीकी औपचारिकताएं समय पर पूरी हो गई, तो नवंबर से दिसंबर के बीच सिद्धार्थ उद्यान के चिड़ियाघर को नए सफारी पार्क में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
इससे शहर को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक नया पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण केंद्र मिलेगा, जहां पशुओं को अधिक प्राकृतिक वातावरण और पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराया जाएगा।