
farmers electricity demand (सोर्सः सोशल मीडिया)
Gondia Farmers: कृषि विद्युत कनेक्शन धारकों को फसलों की सिंचाई के लिए चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति किए जाने का दावा किया जाता है, लेकिन जिले में इसका पालन नहीं हो रहा है। गोंदिया जिले के किसानों को वर्तमान में केवल 8 घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल रही है, जिससे किसानों में महावितरण के खिलाफ तीव्र नाराजगी देखी जा रही है।
किसानों ने मांग की है कि यदि 24 घंटे बिजली आपूर्ति संभव नहीं है, तो कम से कम 20 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए। इस संबंध में बीआरएसपी के पदाधिकारियों ने जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा है।
ग्रीष्मकालीन और रबी फसलों की सिंचाई कृषि विद्युत कनेक्शनों तथा विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के जल पर निर्भर रहती है। शासन की ओर से लगातार यह बताया जाता है कि कृषि कनेक्शन धारकों को 24 घंटे बिजली दी जा रही है, लेकिन वास्तविकता यह है कि किसानों को केवल 8 घंटे ही बिजली मिल रही है। इसके कारण फसलों की पूर्ण सिंचाई नहीं हो पा रही है और भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
इसी को देखते हुए बीआरएसपी के पदाधिकारियों एवं किसानों ने 20 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग को लेकर जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो प्रशासन के खिलाफ किसानों के साथ आंदोलन किया जाएगा।
यह चेतावनी किसान विठोबा भाजीपाले, राजकुमार राऊत, गोपाल आसोले, राजेश मरस्कोल्हे, कोठुराम लिल्हारे, सेवकराम मडावी, अनिल राऊत, विजय बहेकार, मेहतर मरस्कोल्हे, संजय पाथोडे, भैयालाल भेलावे एवं संतोष फरकुंडे ने दी है।
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उल्लेखनीय है कि गोंदिया जिले में खरीफ धान की फसल के बाद ग्रीष्मकालीन धान सहित विभिन्न रबी फसलों की खेती की जाती है। जिले में लगभग 70 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन एवं मौसमी फसलों का उत्पादन लिया जा रहा है।






