अजित पवार के बाद कौन संभालेगा कमान? छगन भुजबल ने दिया बड़ा संकेत, कल होगा उपमुख्यमंत्री पद का शपथ ग्रहण?

Maharashtra Politics: डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा मोड़ आ गया है। छगन भुजबल ने संकेत देते कहा कि जल्द ही नए उपमुख्यमंत्री पर फैसला हो जाएगा।
Maharashtra Politics Chhagan Bhujbal Statement
एनसीपी नेता छगन भुजबल (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Chhagan Bhujbal Statement: महाराष्ट्र की सियासत में नए साल की शुरुआत एक बड़े झटके के साथ हुई है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के एक विमान दुर्घटना (Plane Crash) में आकस्मिक निधन ने न केवल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) बल्कि पूरी महायुति सरकार में उथल-पुथल मचा दी है। इस शोक की घड़ी के बीच, सरकार और पार्टी की निरंतरता बनाए रखने के लिए नए नेतृत्व के चयन की प्रक्रिया तेज हो गई है।

क्या बोले छगन भुजबल?

एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके आवास 'वर्षा' बंगले पर मुलाकात की। इस बैठक में प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और धनंजय मुंडे जैसे दिग्गज नेता भी शामिल थे। मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए भुजबल ने साफ किया कि अगले एक से दो घंटे में महाराष्ट्र के नए डिप्टी सीएम के नाम पर फैसला ले लिया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो कल यानी शनिवार को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है।

सुनेत्रा पवार रेस में सबसे आगे

अजित पवार के उत्तराधिकारी के तौर पर उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार का नाम सबसे प्रमुखता से उभर रहा है। भुजबल ने बताया कि विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की आगामी बैठक में सुनेत्रा पवार को पार्टी विधायक दल का नेता चुना जा सकता है। हालांकि, भुजबल ने स्पष्ट किया कि कुछ तकनीकी पहलुओं पर अभी प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे से चर्चा बाकी है, लेकिन पार्टी के भीतर सुनेत्रा पवार के नाम पर मजबूत सहमति दिख रही है।

मंत्रालयों और विभागों का गणित

बैठक के दौरान केवल चेहरे पर ही नहीं, बल्कि मंत्रालयों पर भी चर्चा हुई। एनसीपी नेतृत्व ने मुख्यमंत्री के सामने मांग रखी है कि अजित पवार के पास रहे महत्वपूर्ण विभाग जैसे वित्त, राज्य उत्पाद शुल्क और खेल मंत्रालय एनसीपी के पास ही रहने चाहिए ताकि गठबंधन में शक्ति संतुलन बना रहे। सूत्रों के अनुसार, जहां सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम बन सकती हैं, वहीं वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी दिलीप वाल्से पाटिल को दी जा सकती है। इसके अतिरिक्त, प्रफुल्ल पटेल को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की मांग भी उठी है।

सरकार की स्थिरता और चुनौती

वर्तमान में एनसीपी के 41 विधायकों का समर्थन महायुति सरकार की स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। शरद पवार गुट के साथ संभावित विलय की खबरों पर फिलहाल भुजबल ने चुप्पी साध ली है, लेकिन यह स्पष्ट है कि पार्टी फिलहाल अपने आंतरिक नेतृत्व को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। संजय राउत जैसे विपक्षी नेताओं ने इस जल्दबाजी को 'अमानवीय' करार दिया है, लेकिन सत्ता पक्ष का तर्क है कि प्रशासन की सुचारू कार्यप्रणाली के लिए यह निर्णय आवश्यक हैं।

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