खत्म होगी गाजा की 'बंदी'! 2 साल बाद फिर खुलेगी राफा क्रॉसिंग, ट्रंप के शांति प्लान की पहली बड़ी जीत

Rafah Crossing Reopen: इजरायल ने गाजा और मिस्र को जोड़ने वाली राफा क्रॉसिंग को 1 फरवरी से फिर से खोलने का ऐतिहासिक फैसला किया है। यह कदम ट्रंप की युद्धविराम योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
Gaza's blockade will end! The Rafah crossing will reopen after 2 years, marking the first major victory for Trump's peace plan.
राफा क्रॉसिंग, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Israel Hamas War Update: मध्य पूर्व के संघर्ष के बीच गाजा के नागरिकों के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। इजरायल ने घोषणा की है कि वह गाजा पट्टी को मिस्र से जोड़ने वाली राफा क्रॉसिंग को करीब दो साल के अंतराल के बाद फिर से खोलने जा रहा है। शुक्रवार को इजरायली सैन्य निकाय COGAT द्वारा जारी बयान के अनुसार, आगामी रविवार यानी 1 फरवरी 2026 से इस सीमा मार्ग पर दोनों दिशाओं में आवाजाही शुरू कर दी जाएगी।

क्या है राफा क्रॉसिंग?

राफा क्रॉसिंग को गाजा की 'बाहरी दुनिया का मुख्य द्वार' कहा जाता है। मई 2024 में इजरायल-हमास युद्ध के दौरान इसे बड़े पैमाने पर बंद कर दिया गया था जिससे गाजा पूरी तरह से अलग-थलग पड़ गया था। अब इसे फिर से खोलने का निर्णय न केवल मानवीय आधार पर महत्वपूर्ण है, बल्कि यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा युद्धविराम योजना की सफलता की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मार्ग के खुलने से क्षेत्र में तनाव कम करने और मानवीय सहायता पहुंचाने में मदद मिलेगी।

सुरक्षा प्रोटोकॉल और निगरानी

भले ही क्रॉसिंग खोली जा रही है, लेकिन इजरायल ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल 'केवल लोगों की सीमित आवाजाही' की ही अनुमति होगी। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक त्रि-स्तरीय जांच प्रणाली लागू की जाएगी। इजरायल और मिस्र दोनों देश क्रॉसिंग से आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की कड़ी जांच करेंगे। इसके अलावा, पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए यूरोपीय संघ (EU) के बॉर्डर पैट्रोल एजेंट्स को तैनात किया जाएगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

आखिर अब क्यों बदला इजरायल का फैसला?

लंबे समय तक इजरायल इस क्रॉसिंग को खोलने का विरोध करता रहा था। हालांकि, जानकारी के अनुसार, सोमवार को गाजा में अंतिम बंधक के अवशेषों की बरामदगी के बाद स्थिति बदली और आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ।

इसके साथ ही, इजरायल ने यह भी साफ किया है कि युद्ध के दौरान गाजा छोड़ चुके फिलिस्तीनी नागरिक केवल तभी वापस लौट सकेंगे जब उन्हें इजरायली सुरक्षा एजेंसियों से मंजूरी मिल जाएगी। इस फैसले के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि गाजा में फंसे आम नागरिकों को बाहरी दुनिया से जुड़ने का मौका मिलेगा और मलबे में तब्दील हो चुके क्षेत्र में पुनर्वास की प्रक्रिया को गति मिल सकेगी।