गोंदिया में नालियों का गंदा पानी बना सिरदर्द! खुले प्लाटों में जलजमाव से मच्छरों का आतंक

Gondia News: गोंदिया शहर में कच्ची नालियों का गंदा पानी खुले प्लाटों में जमा, मच्छर-मक्खी पनपने से लोगों को परेशानी। दुर्गंध और संक्रमण का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य पर विपरीत असर की आशंका।
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गाेंदिया की नालियों में गंदा पानी (फोटो नवभारत)
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Gondia Drainage Problem: गोंदिया शहर के अधिकांश क्षेत्र के खुले प्लाटो में परिसर के कच्ची नालियों का गंदा पानी जमा हो जाता है। जिससे वहां के निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शहर की बाहरी सीमा में ऐसे अनेक क्षेत्र है जहां अब तक पक्की नालियां नहीं बन पाई है।

बाय पास मार्ग पर स्थित कॉलोनिया, सुर्याटोला, गौरीनगर, गणेश नगर, आंबाटोली, मरारटोली, छोटा गोंदिया आदि क्षेत्रों के मार्ग किनारे व खाली प्लाटों में कच्ची नालियों व गटर का पानी जमा होने से मच्छर, मक्खी के साथ ही जीव जंतु पनप रहे हैं।

गंदे पानी से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जमा गंदे पानी से बदबु भी आ रही है जिससे लोगों के स्वास्थ्य में विपरित परिणाम होने की संभावना बनी हुई है। गंदे जमा पानी में रोज सुअर, श्वान व मवेशी अपना डेरा डाल देते हैं जिसके कारण और भी गंदगी पनपती है।

सफाई कर्मी भी नहीं आते

गंदे पानी के जमा रहने के कारण वातावरण भी दूषित हो रहा है। पक्की नाली नहीं होने के कारण भी सफाई कर्मी इस क्षेत्र में नहीं आते जिसके कारण कई बार नागरिकों को पानी की निकासी करने के लिए हाथ में फावड़ा उठाना पड़ता है। पक्की नाली नहीं होने से वहां पर दलदल हो जाता है। फिर भी नप प्रशासन व जनप्रतिनिधि इस ओर अनदेखी कर रहे हैं।

घरों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ा

गोंदिया शहर में ऐसे अनेक क्षेत्र है जिन्हें बसे हुए वर्षों हो गए हैं फिर भी पक्की नालियां नहीं बन पाई है। जिसके कारण लोगों के घरों का गंदा पानी एक प्लाट से दूसरे प्लाट में जाता है। इतने वर्ष बीतने के बाद भी नप द्वारा इस क्षेत्र में नालियां नहीं बनाई जा रही है। जिसके कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है।

पानी के सड़ने के कारण बदबु भी आ रही है। लेकिन इस समस्या से लोगों को छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। शाम होते ही लोगों के घरों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। मच्छरों की उत्पत्ती को रोकने के लिए छिड़कांव भी नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा सुअरों का भी बंदोबस्त नहीं किया जा रहा है।

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