
Chanderi Card award (सोर्सः सोशल मीडिया)
Gondia News: लोगों को स्वच्छ और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पानी की गुणवत्ता का बेहतर होना अत्यंत आवश्यक है। पानी की गुणवत्ता और नियंत्रण कार्यक्रम के तहत स्वच्छता सर्वेक्षण का विशेष महत्व है। राज्य में स्वास्थ्य विभाग और जल स्वच्छता विभाग द्वारा बारिश से पहले और बारिश के बाद इस अवधि में नियमित सर्वेक्षण किया जाता है। इसी सर्वे के आधार पर ग्राम पंचायतों को रेड, ग्रीन और चंदेरी (सिल्वर) कार्ड प्रदान किए जाते हैं।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभिजीत गोल्हार ने बताया कि सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार लगातार पांच बार ग्रीन कार्ड प्राप्त करने वाली ग्राम पंचायतों को ‘चंदेरी कार्ड’ दिया जाता है। जिले की 16 ग्राम पंचायतों ने इस सम्मान के लिए आवश्यक मानदंड पूरे किए हैं।
इसी के चलते 16 ग्राम पंचायतों को पालकमंत्री इंद्रनील नाइक ने ‘चंदेरी कार्ड’ प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। इनमें सड़क अर्जुनी तहसील की डव्वा, बोडदे/करड; देवरी तहसील की भागी/शिरपुर और भरेगांव; तिरोड़ा तहसील की पांजरा, करटी/खुर्द, बोपेसर, नवरगांव, बोदा, बोरा और मरारटोला; गोरेगांव तहसील की मोहगांव/बुज, कमरगांव, बोटे व म्हसगांव तथा आमगांव तहसील की सोनेखारी ग्राम पंचायत शामिल हैं।
‘चंदेरी कार्ड’ प्रमाणपत्र वितरण कार्यक्रम में जिलाधिकारी प्रजीत नायर, जिला परिषद के सीईओ मुरुगानंथम, पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे, जिला परिषद अध्यक्ष लायकराम भेंडारकर, उपाध्यक्ष सुरेश हर्षे, निवासी उपजिलाधिकारी भैयासाहेब बेहरे, उपजिलाधिकारी मानसी पाटिल, अपर जिलाधिकारी मीनाज मुल्ला, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. तानाजी लोखंडे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभिजीत गोल्हार, डॉ. अरविंदकुमार वाघमारे, विजय लोंढे, डॉ. निरंजन अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी, स्कूली छात्र और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
जिला परिषद के पानी की गुणवत्ता नियंत्रण कार्यक्रम के तहत वर्ष में दो बार पेयजल स्रोतों का स्वच्छता सर्वेक्षण किया जाता है। इस सर्वे के आधार पर ग्राम पंचायतों को हरे, पीले और लाल कार्ड दिए जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी पेयजल स्रोतों की नियमित जांच कर कमियों को दूर किया जाता है, जिससे संभावित बीमारियों और महामारी को रोका जा सके।
सर्वेक्षण के मानकों के अनुसार ग्राम पंचायतों को ग्रीन, येलो, रेड और चंदेरी कार्ड प्रदान किए जाते हैं। इस अवसर पर पालकमंत्री इंद्रनील नाइक ने सरपंच, ग्राम सेवक, स्वास्थ्य सेवक और जल सुरक्षा से जुड़े कर्मचारियों को लगातार पांच वर्षों तक ग्राम पंचायतों में स्वच्छता बनाए रखने और समुदाय में फैलने वाली बीमारियों को रोकने के लिए किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पहल अन्य ग्राम पंचायतों के लिए एक आदर्श मॉडल साबित होगी।






