
वैभव सूर्यवंशी, (सोर्स-BCCI)
Vaibhav Suryavanshi Player of the Tournament: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में अपनी ऐतिहासिक पारी से न केवल भारत को विश्व विजेता बनाया, बल्कि अपनी प्रतिभा का लोहा पूरी दुनिया में मनवाया। खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ विस्फोटक 175 रन बनाने वाले वैभव को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ दोनों अवॉर्ड्स से नवाजा गया। मैच के बाद अपनी सफलता और टीम की रणनीति पर बात करते हुए वैभव काफी भावुक और आत्मविश्वास से भरे नजर आए।
वैभव ने अपनी इस बड़ी उपलब्धि का श्रेय टीम के सपोर्टिंग स्टाफ को दिया। उन्होंने कहा कि यह अवॉर्ड जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है। पिछले 6-8 महीनों में पूरी टीम और कोचिंग स्टाफ ने कड़ी मेहनत की है। वे लगातार हम पर नज़र बनाए हुए थे और हमारा मार्गदर्शन कर रहे थे। मैं अपना यह अवॉर्ड पूरे सपोर्टिंग स्टाफ को समर्पित करना चाहता हूं।
4⃣3⃣9⃣ Runs
6⃣2⃣.7⃣1⃣ Average
1⃣7⃣5⃣ Highest
3⃣ Fifties and 1⃣ Hundred For his staggering impact with the bat, Vaibhav Sooryavanshi is named the Player of the Tournament at the #U19WorldCup 2026 👌👌 Updates ▶️ https://t.co/hisult6ODX pic.twitter.com/hqMQZB0LrO — BCCI (@BCCI) February 6, 2026
फाइनल जैसे बड़े मैच के दबाव को लेकर वैभव ने साफ किया कि टीम ने चीजों को सरल रखा। उन्होंने बताया कि हम ज्यादा प्रेशर नहीं ले रहे थे। हमने बस चीजों को सिंपल रखने की कोशिश की और मैदान पर वही किया जो हम पूरे टूर्नामेंट के दौरान करते आ रहे थे। हमारी तैयारी सिर्फ एशिया कप से नहीं, बल्कि पिछले 8-9 महीनों से चल रही थी और हम जानते हैं कि हमने इस दौरान कितनी पसीना बहाया है।”
14 साल की उम्र में वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर दबदबा बनाने वाले वैभव ने अपनी स्किल्स (कौशल) पर अटूट विश्वास जताया। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि मुझे अपनी स्किल्स पर पूरा भरोसा है। मुझे पता था कि मुझमें बड़े मैचों में परफॉर्म करने की काबिलियत है और आज मैंने वही साबित किया।
हरारे में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय अंडर-19 टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम इंडिया ने 20 के स्कोर पर आरोन जॉर्ज (9) का विकेट गंवा दिया। यहां से वैभव सूर्यवंशी ने कप्तान म्हात्रे के साथ दूसरे विकेट के लिए 90 गेंदों में 142 रन जुटाते हुए टीम को 162 के स्कोर तक पहुंचा दिया।
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म्हात्रे 51 गेंदों में 2 छक्कों और 7 चौकों के साथ 53 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद सूर्यवंशी ने वेदांत त्रिवेदी के साथ महज 39 गेंदों में 89 रन की साझेदारी करते हुए भारत के स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। वैभव 80 गेंदों में 15 चौकों और इतने ही छक्कों के साथ 175 रन बनाकर आउट हुए। यहां से वेदांत ने विहान मल्होत्रा के साथ चौथे विकेट के लिए 51 रन जोड़कर टीम के स्कोर को 300 के पार पहुंचाया। भारतीय टीम 308 रन तक अपने 5 विकेट खो चुकी थी।






