U19 World Cup: विश्व विजेता बनने के बाद छाए वैभव सूर्यवंशी, 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बन खोला सफलता का राज

Vaibhav Suryavanshi: अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ विस्फोटक 175 रन बनाने वाले वैभव को 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' दोनों अवॉर्ड्स से नवाजा गया।
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वैभव सूर्यवंशी, (सोर्स-BCCI)
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Vaibhav Suryavanshi Player of the Tournament: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में अपनी ऐतिहासिक पारी से न केवल भारत को विश्व विजेता बनाया, बल्कि अपनी प्रतिभा का लोहा पूरी दुनिया में मनवाया। खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ विस्फोटक 175 रन बनाने वाले वैभव को 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' दोनों अवॉर्ड्स से नवाजा गया। मैच के बाद अपनी सफलता और टीम की रणनीति पर बात करते हुए वैभव काफी भावुक और आत्मविश्वास से भरे नजर आए।

कोचिंग स्टाफ को समर्पित की सफलता

वैभव ने अपनी इस बड़ी उपलब्धि का श्रेय टीम के सपोर्टिंग स्टाफ को दिया। उन्होंने कहा कि यह अवॉर्ड जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है। पिछले 6-8 महीनों में पूरी टीम और कोचिंग स्टाफ ने कड़ी मेहनत की है। वे लगातार हम पर नज़र बनाए हुए थे और हमारा मार्गदर्शन कर रहे थे। मैं अपना यह अवॉर्ड पूरे सपोर्टिंग स्टाफ को समर्पित करना चाहता हूं।

दबाव को हावी नहीं होने दिया

फाइनल जैसे बड़े मैच के दबाव को लेकर वैभव ने साफ किया कि टीम ने चीजों को सरल रखा। उन्होंने बताया कि हम ज्यादा प्रेशर नहीं ले रहे थे। हमने बस चीजों को सिंपल रखने की कोशिश की और मैदान पर वही किया जो हम पूरे टूर्नामेंट के दौरान करते आ रहे थे। हमारी तैयारी सिर्फ एशिया कप से नहीं, बल्कि पिछले 8-9 महीनों से चल रही थी और हम जानते हैं कि हमने इस दौरान कितनी पसीना बहाया है।"

अपनी काबिलियत पर था भरोसा

14 साल की उम्र में वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर दबदबा बनाने वाले वैभव ने अपनी स्किल्स (कौशल) पर अटूट विश्वास जताया। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि मुझे अपनी स्किल्स पर पूरा भरोसा है। मुझे पता था कि मुझमें बड़े मैचों में परफॉर्म करने की काबिलियत है और आज मैंने वही साबित किया।

टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला

हरारे में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय अंडर-19 टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम इंडिया ने 20 के स्कोर पर आरोन जॉर्ज (9) का विकेट गंवा दिया। यहां से वैभव सूर्यवंशी ने कप्तान म्हात्रे के साथ दूसरे विकेट के लिए 90 गेंदों में 142 रन जुटाते हुए टीम को 162 के स्कोर तक पहुंचा दिया।

वैभव सूर्यवंशी की 175 रनों की पारी

म्हात्रे 51 गेंदों में 2 छक्कों और 7 चौकों के साथ 53 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद सूर्यवंशी ने वेदांत त्रिवेदी के साथ महज 39 गेंदों में 89 रन की साझेदारी करते हुए भारत के स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। वैभव 80 गेंदों में 15 चौकों और इतने ही छक्कों के साथ 175 रन बनाकर आउट हुए। यहां से वेदांत ने विहान मल्होत्रा के साथ चौथे विकेट के लिए 51 रन जोड़कर टीम के स्कोर को 300 के पार पहुंचाया। भारतीय टीम 308 रन तक अपने 5 विकेट खो चुकी थी।

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