Bangladesh: यूनुस के आवास के बाहर 'कर्फ्यू' जैसे हालात; आंसू गैस और ग्रेनेड के धमाकों से दहला ढाका

Dhaka Violence News Hindi: बांग्लादेश में आम चुनाव से ठीक 6 दिन पहले ढाका में 'इंकलाब मंच' के प्रदर्शन के दौरान भारी हिंसा हुई। पुलिस की कार्रवाई में 50 से अधिक लोग घायल हो गए हैं।
Bangladesh: Curfew-like situation outside Yunus's residence; Dhaka rocked by tear gas and grenade explosions
ढाका हिंसा, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Bangladesh Violence News In Hindi: बांग्लादेश में आम चुनाव से ठीक छह दिन पहले राजनीतिक और सामाजिक माहौल एक बार फिर तनावपूर्ण हो गया है। राजधानी ढाका में शुक्रवार को इंकलाब मंच से जुड़े छात्रों और कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ उनकी हिंसक झड़प हो गई।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने जमकर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। इस पूरी कार्रवाई में अब तक 50 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हो चुके हैं जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

प्रदर्शन की मुख्य वजह

यह विरोध प्रदर्शन इंकलाब मंच के प्रमुख नेता उस्मान हादी की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर किया जा रहा था। गौरतलब है कि उस्मान हादी को 18 दिसंबर को गोली मारी गई थी जिसके बाद से देश में लगातार विरोध के स्वर उठ रहे हैं। प्रदर्शनकारी इस घटना के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे थे। जैसे ही प्रदर्शनकारियों का जत्था मुख्य सलाहकार डॉक्टर मोहम्मद यूनुस के आधिकारिक आवास की ओर बढ़ा, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया जिससे हालात बेकाबू हो गए।

कई छात्र नेता घायल

इस संघर्ष में इंकलाब मंच के सचिव अब्दुल्ला अल जाबेर सहित कई अन्य छात्र नेता गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में इंकलाब मंच ने अपने समर्थकों से ढाका विश्वविद्यालय में एकजुट होने की अपील की है, जिससे आने वाले दिनों में और अधिक विरोध प्रदर्शनों की संभावना बढ़ गई है।

ढाका में 'कर्फ्यू' जैसे हालात

शहर में केवल छात्र ही नहीं बल्कि सरकारी कर्मचारी भी विरोध की राह पर हैं। उसी दिन दोपहर में 9वें वेतन आयोग को लागू करने की मांग कर रहे कर्मचारियों पर भी पुलिस ने आंसू गैस का प्रयोग किया था। लगातार होते इन प्रदर्शनों के कारण ढाका के मुख्य इलाकों, विशेषकर जमुना गेस्ट हाउस (यूनुस के आवास) के आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया गया है। प्रशासन ने यहां किसी भी तरह के जमावड़े पर प्रतिबंध लगा दिया है जिससे पूरे इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात नजर आ रहे हैं।

चुनावी माहौल में बढ़ता तनाव

चुनाव से ठीक पहले हुई इस हिंसा ने देश की राजनीतिक स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठन देश में 'अल्लाह का कानून' चलाने की बात कर रहे हैं, वहीं मुख्य विपक्षी दल BNP ने अपने मैनिफेस्टो में प्रधानमंत्री के कार्यकाल को 10 साल तक सीमित करने का प्रस्ताव रखा है। ऐसे में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच का यह टकराव चुनाव के निष्पक्ष और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

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