Chandrapur News: चंद्रपुर में 54 जर्जर इमारतों को मनपा का नोटिस, हादसे का बढ़ा खतरा

चंद्रपुर महानगरपालिका क्षेत्र में स्थित कई पुरानी और जर्जर इमारतें न केवल इमारतों के निवासियों के लिए, बल्कि आसपास के पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए गंभीर सुरक्षा खतरा बन गई हैं।
चंद्रपुर में 54 जर्जर इमारतों को मनपा का नोटिस
चंद्रपुर में 54 जर्जर इमारतों को मनपा का नोटिस। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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चंद्रपुर: चंद्रपुर महानगरपालिका क्षेत्र में स्थित कई पुरानी और जर्जर इमारतें न केवल इमारतों के निवासियों के लिए, बल्कि आसपास के पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए गंभीर सुरक्षा खतरा बन गई हैं। मानसून के मौसम में इस खतरे को देखते हुए महानगरपालिका ने इन इमारतों की पहचान कर उनके मालिकों को कड़ी कार्रवाई के लिए नोटिस जारी कर दी है। पिछले कुछ दिनों में 54 ऐसी इमारतों को नोटिस दिए गए हैं जिनकी हालत खतरनाक बताई जा रही है।

हर साल मानसून से पहले क्षेत्र की पुरानी इमारतों का सर्वे किया जाता है। इस सर्वे में जिन इमारतों को सुरक्षित नहीं माना जाता, उनमें रहने वाले लोगों को महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम, 1949 की धारा 264 के अंतर्गत नोटिस दिया जाता है। इस वर्ष झोन 1 में 28, झोन 2 में 16 और झोन 3 में 10 इमारतें इस सूची में शामिल हैं।

भवनों की मरम्मत तत्काल करने की जरूरत

इन नोटिसों में संबंधित इमारतों में रहने वाले सभी लोगों को तुरंत अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों और वस्तुओं के साथ सुरक्षित स्थान पर चले जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, मालिकों को अपने भवनों की मरम्मत तत्काल करने और मरम्मत के बाद पंजीकृत स्ट्रक्चरल अभियंता से संरचनात्मक स्थिरता प्रमाणपत्र प्राप्त कर महानगरपालिका को जमा करने का आदेश भी दिया गया है।

खतरे का कारण

कई जर्जर इमारतों की दीवारों और छतों में दरारें पाई जाती हैं। बारिश और मानसून के दौरान इन इमारतों के गिरने का खतरा बना रहता है, जिससे रहने वालों के साथ-साथ आस-पास के लोगों की जान को भी खतरा हो सकता है। इसके बावजूद कुछ संपत्ति मालिक जीवन के जोखिम को नजरअंदाज कर इन इमारतों में रहना जारी रखते हैं।

इस कारण महानगरपालिका ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर मरम्मत और सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ जबरन निष्कासन भी किया जाएगा। यह कार्रवाई न केवल भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है, बल्कि मानव जीवन की रक्षा के लिए भी अनिवार्य है।

स्थानीय लोगों की चिंता

परिसर के स्थानीय लोग भी इस समस्या से चिंतित हैं। उनका कहना है कि कई बार बारिश के समय दीवारें गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन जब तक प्रशासन द्वारा कड़ी कार्रवाई होती है, तब तक जान-माल का नुकसान हो सकता है। वे मांग करते हैं कि इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उपाय किए जाएं।

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