चंद्रपुर कांग्रेस में बगावत! वडेट्टीवार समर्थकों ने ठुकराया हाईकमान का फरमान, मचा सियासी बवाल

Chandrapur Mayor Election: चंद्रपुर नगर निगम में कांग्रेस पार्टी के अंदर असंतोष बढ़ रहा है। वडेट्टीवार के समर्थकों ने दिल्ली में पार्टी नेतृत्व द्वारा सुझाए गए फॉर्मूले को खारिज कर दिया है।
Crisis in Chandrapur Congress! Wadettiwar supporters reject High Command's formula. Shiv Sena (UBT) denies support to BJP, making the Mayor race intense.
चंद्रपुर महानगरपालिका (सौजन्य-नवभारत)
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Congress High Command Formula: चंद्रपुर मनपा में सत्ता स्थापना के लिए कांग्रेसी नेताओं के बीच चल रहे अंतर्द्वंद्व को मिटाने कांग्रेस हाईकमान ने भले ही पहल की हो लेकिन हाईकमान का दिया फॉर्मूला वडेट्टीवार समर्थक पार्षदों को नामंजूर होने से यहां सत्तास्थापना को लेकर पुनः नया नाटकीय मोड़ आ गया है। इस बीच शिवसेना (यूबीटी) के समर्थन की अपेक्षा के साथ मनपा में सत्तास्थापना के सपने संजोए बैठी भाजपा के मंसूबों पर भी शिवसेना (यूबीटी) की स्पष्टता के बाद पानी फिर गया है।

शिवसेना (यूबीटी) के सर्वेसर्वा उद्धव ठाकरे तथा नेता संजय राउत ने साफ कर दिया है कि,चंद्रपुर में उनकी पार्टी किसी भी सूरत में भाजपा को समर्थन नहीं देगी। उक्त नेताओं ने कहा है कि, उनकी पार्टी या तो कांग्रेस को समर्थन देगी नहीं तो फिर मनपा में विरोधी पार्टी की हैसियत से रहेगी।

घर पहुंचते ही फार्मूले को ठुकरा दिया

मनपा में सत्ता को लेकर कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार और सांसद प्रतिभा धानोरकर के बीच जारी विवाद को सुलझाने मंगलवार की रात दिल्ली में के सी वेणुगोपाल ने दोनों नेताओं के साथ बैठक ली तथा यह फार्मूला तय किया कि, धानोरकर गुट का मेयर होगा तथा गटनेता एवं डिप्टी मेयर वडेट्टीवार गुट से होगा।

कांग्रेस को समर्थन देने वाले राजनीतिक दल को स्थायी समिति सभापति का पद दिया जाएगा। यह फार्मूला लेकर वडेट्टीवार समर्थक बुधवार तड़के दिल्ली से नागपुर पहुंचे और नागपुर से चंद्रपुर पहुंच गए। यहां आते ही उन्होंने हाईकमान द्वारा सुझाये फार्मूले पर नाराजगी जताते हुए असहमति दर्शाई।

विजय वडेट्टीवार समर्थकों का कहना है कि, मनपा में कांग्रेस के कुल 27 में से 20 पार्षद उनके पक्ष में है, ऐसे में उन्हें यह मंजूर नहीं कि, मेयर पद धानोरकर गुट के पास दिया जाए। उन्होंने हाईकमान से तय किए गए फार्मूले पर पुनर्विचार करने की गुहार लगाई है। बताया जाता है कि, इस विवाद को सुलझाने कांग्रेस हाईकमान की ओर से पुनः एक बैठक लगाई जा सकती है।

वडेट्टीवार पर हावी रही धानोरकर

अपने गुट को मेयर पद दिलाने के लिए इतने दिनों तक जद्दोजहद में लगी कांग्रेसी सांसद मंगलवार को दिल्ली में हाईकमान के समक्ष हुई बैठक में वडेट्टीवार पर हावी रही। उन्होंने मेयर पद अपने पास खींच लाने में सफलता प्राप्त की। उन्होंने कांग्रेस का कोई नेता एक दूसरे के निर्वाचन क्षेत्र में दखलंदाजी ना करें यह हाईकमान से कहलवाने में भी सफलता प्राप्त की है।

भाजपा के मंसूबो पर पानी

उल्लेखनीय है कि, कुल 66 सदस्यीय चंद्रपुर मनपा में भाजपा और शिवसेना (शिंदे) पार्टी के कुल 24 पार्षद है। मनपा में सत्ता स्थापना के लिए भाजपा की नजर शिवसेना (यूबीटी) के 8 पार्षदों के गुट पर है, जिनमें शिवसेना (यूबीटी) के 6 तथा 2 वंचित बहुजन आघाडी के पार्षदों का समावेश है। इसके बावजूद भी सत्ता के लिए 2 अन्य पार्षदों की जरूरत है। इसके लिए भाजपा कांग्रेस के 2 निर्दलियों पर नजरें जमाएं हुए है। भाजपा ने शिवसेना(यूबीटी) को ढाई वर्ष के कार्यकाल में से सवा वर्ष तक के लिए मेयर पद बहाल करने का भी प्रस्ताव दिया है। इस बीच पहला मेयर किसका होगा इस बात का भाजपा की ओर से मंथन चल ही रहा था कि, शिवसेना (यूबीटी) के हाईकमान ने भाजपा को मदद नहीं करने की अपनी भूमिका स्पष्ट कर दी जिस से भाजपा के सत्ता स्थापना के सारे मंसूबों पर पानी फिर गया है।

दलीय स्थिति

उल्लेखनीय है कि, चंद्रपुर मनपा में कांग्रेस के 27, कांग्रेस समर्थित जनविकास सेना के 3, भाजपा के 23, शिवसेना (यूबीटी) के 6, वंचित बहुजन आघाडी के 2, एमआईएम तथा बीएसपी के क्रमशः एक, एक एवं 2 निर्दलीय पार्षद है।

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