
चंद्रपुर महानगरपालिका (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Chandrapur Mayor Election 2026: चंद्रपुर मनपा में सत्ता को लेकर कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार और सांसद प्रतिभा धानोरकर के बीच जारी जंग मंगलवार को दिल्ली में हुई बैठक के बाद थम गई है। बैठक में हुए निर्णय के अनुसार सांसद प्रतिभा धानोरकर के गुट का महापौर और विजय वडेट्टीवार गुट का उपमहापौर बनाया जाएगा। इसके अलावा समर्थन देने वाले गुट को स्थाई समिति का अध्यक्ष बनाया जाएगा। बताया जाता है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सपकाल के ही फार्मुले को दिल्ली में मान लिया गया।
दिन भर चले घटनाक्रम की बात की जाए तो दोनों नेताओं के बीच चल रहे मनमुटाव और अंतर्कलह में हर दिन नया मोड़ सामने आ रहा था। इस बीच सांसद धानोरकर ने पुनः एक बार वडेट्टीवार के खिलाफ तंज कंसते हुए कहा कि, जंग में जाने वाले घोड़े बारात में नहीं नाचते है। धानोरकर ने अपने व्हाट्सएप एकाउंट पर इस प्रकार का स्टेटस रखते हुए वडेट्टीवार की आलोचना की थी।
मनपा में निर्वाचित हुए वडेट्टीवार समर्थक पार्षदों ने मंगलवार को भी संभागीय आयुक्त कार्यालय में अपने गुट को मान्यता देने के लिए जद्दोजहद की, किंतु आयुक्त ने उनके गुट की मान्यता को प्रलंबित रखा है। इस गुट ने सोमवार को भी आयुक्त कार्यालय के चक्कर काटे थे। उक्त पार्षदों का कहना है कि, उनके पास पार्षदों की संख्या अधिकतर होने से उनके गुट तथा गटनेता को ही मान्यता दी जाए।
उल्लेखनीय है कि, इसके पहले भी सांसद धानोरकर ने कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षदों को साथ लेकर कांग्रेस गुट को मान्यता देने की अर्जी आयुक्त कार्यालय में लगाई थी। उन्होंने कांग्रेस गुटनेता के रूप में सुरेंद्र अड़बाले का नाम भी घोषित कर दिया है।
इस बीच कांग्रेस विधायक वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि, संभागीय आयुक्त सत्ता के दबाव में काम करते हुए उनके समर्थित पार्षदों को महापौर चुनाव में मतदान से वंचित रखने की साजिश के तहत काम कर रही है। उन्होंने कहा कि, उनके पास पार्षदों की संख्या अधिक होने से चंद्रपुर मनपा में कांग्रेस गुट के तौर पर उनके गुट को ही मान्यता मिलनी चाहिए। किंतु आयुक्त उनकी कोई बात सुनने को तैयार नहीं है।
विजय वडेट्टीवार ने यह भी कहा कि, संभागीय आयुक्त नवनिर्वाचित पार्षदों से निर्वाचन प्रमाणपत्र की मांग कर रही है। किंतु 6 पार्षदों के ओरिजनल निर्वाचन प्रमाणपत्र नदारद है। उन्होंने चंद्रपुर मनपा आयुक्त से निर्वाचन प्रमाणपत्र की सर्टिफाइड कॉपी लेकर सबमिट की है, किंतु अब आयुक्त सर्टिफिकेट नदारद होने संबंधी पुलिस शिकायत की कॉपी सबमिट करने पर अड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि, अगर आयुक्त उनके गुट को नामंजूर कर वैसा लिखित रूप में दें तो इसके खिलाफ कोर्ट में जाने को तैयार है।
इस बीच कांग्रेस के समर्थन पर निर्वाचित हुए जनविकास सेना के पार्षदों के गुट ने कांग्रेस से अपना समर्थन वापस लेने की धमकी दी है। जनविकास सेना के अध्यक्ष पप्पू देशमुख ने कहा है कि, उन्होंने कांग्रेस के समर्थन में चुनाव लड़ा था, अब जबकि मनपा में सत्तास्थापना को लेकर कांग्रेस नेताओं के बीच विवाद नही थम रहा है, ऐसे में अगर मनपा में भाजपा का महापौर सत्तासीन होता है तो जनविकास सेना कांग्रेस से अपना समर्थन वापस ले लेगी।
यह भी पढ़ें – अजित की मौत ‘ऑपरेशन लोटस’ का हिस्सा? राउत के बयान से महाराष्ट्र में मचा सियासी भूचाल, विजिबिलिटी का दावा झूठा
उन्होंने कहा कि, चंद्रपुर के मतदाताओं ने भाजपा के खिलाफ मतदान करते हुए कांग्रेस को बहुमत के करीब पहुंचाया है। अगर कांग्रेसी नेताओं के आपसी झगड़े में मनपा में भाजपा सत्तासीन होती है तो, इस शहर के न तो मतदाता कांग्रेस को माफ करेंगे और वे भी कांग्रेस को माफ नहीं करेंगे।
चंद्रपुर मनपा में सत्तास्थापना के लिए कांग्रेसी नेताओं के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के सी वेणुगोपाल ने वडेट्टीवार और धानोरकर को दिल्ली बुलाया गया था। मंगलवार 3 फरवरी को विधायक वडेट्टीवार अपने 18 समर्थित पार्षदों समेत मंगलवार शाम को दिल्ली पहुंचे थे। वहीं सांसद धानोरकर भी मौजूद थीं। वडेट्टीवार ने पहले ही आलाकमान पर सत्ता स्थापना का जिम्मा छोड़ दिया था।






