

Bhandara Road Construction: सरकारी धन के उपयोग और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला मोहाड़ी तहसील में सामने आया है। मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नेरीभोसाटाकली मार्ग तथा उस पर बना पुल निर्माण के महज एक महीने के भीतर पहली ही बारिश में धंस गया।
इस घटना से क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, वहीं प्रतिदिन इस मार्ग से आवागमन करने वाले सौ से अधिक स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। निर्माण के समय पुल के लगभग 100 वर्ष तक टिकाऊ होने का दावा किया गया था, लेकिन पहली ही बारिश में पुल और सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठ गए। पुल कई स्थानों पर धंस गया है, जिससे सड़क पर बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं।
इसके कारण मार्ग पर आवागमन जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान ही पुल में खामियों की शिकायत प्रशासन से की गई थी, लेकिन इन शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। अब पुल के धंसने के बाद लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
नेरीभोसाटाकली मार्ग क्षेत्र का प्रमुख संपर्क मार्ग है, जहां से प्रतिदिन स्कूल बसें, दोपहिया वाहन तथा अन्य भारी वाहन गुजरते हैं। इसी मार्ग से 100 से अधिक विद्यार्थी भी स्कूल आते-जाते हैं। पुल के धंसने से उसकी सतह असमान हो गई है, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि बारिश तेज हुई तो पुल का और हिस्सा क्षतिग्रस्त होने तथा किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पुल और सड़क का इतनी कम अवधि में क्षतिग्रस्त होना प्राकृतिक कारणों से अधिक निर्माण कार्य की खराब गुणवत्ता को दर्शाता है। उनका कहना है कि निर्माण में निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग किया गया तथा संबंधित अधिकारियों ने गुणवत्ता जांच में लापरवाही बरती। ग्रामीणों का आरोप है कि जनता के कर से खर्च की गई करोड़ों रुपये की राशि का दुरुपयोग हुआ है।
भोसाटाकली के सरपंच लिलाधर ढेंगे ने कहा कि यह सड़क और पुल गांव के विकास की उम्मीद थे, लेकिन अब लोगों की जान के लिए खतरा बन गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि दो दिनों के भीतर प्रशासन ने मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर तीव्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज करने की भी मांग की।