महाराष्ट्र के हजारों शिक्षकों का एक दिन का कटेगा वेतन, स्कूल बंद आंदोलन में शामिल होने वालों पर गिरी गाज

Maharashtra Teachers Salary Cut: महाराष्ट्र में 9 जुलाई को स्कूल बंद आंदोलन में शामिल हुए 8,629 शिक्षकों पर शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। इनका एक दिन का वेतन काटा जाएगा।
Maharashtra School Bandh Andolan Action Teachers Salary Cut
महाराष्ट्र के 8,629 शिक्षकों का एक दिन का कटेगा वेतन (सोर्स: AI)
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Maharashtra School Bandh Andolan Action: महाराष्ट्र के शिक्षा विभाग ने राज्य में अनुशासन और शैक्षणिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। 9 जुलाई को राज्यव्यापी स्कूल बंद आंदोलन में हिस्सा लेने वाले 8,629 शिक्षकों के खिलाफ विभाग ने दंडात्मक कार्रवाई करने का फैसला किया है। माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस आंदोलन में शामिल होने वाले सभी शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटा जाएगा।

क्यों हुआ था स्कूल बंद आंदोलन?

दरअसल, अपनी विभिन्न लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर राज्य के कुछ प्रमुख शिक्षक संगठनों ने 9 जुलाई को राज्यभर में स्कूल बंद रखने का आह्वान किया था। इस आह्वान को कई जिलों के शिक्षकों का समर्थन मिला। हालांकि, राज्य सरकार और शिक्षा विभाग इस आंदोलन के पूरी तरह खिलाफ थे।

सरकार ने पहले ही दी थी चेतावनी

हालांकि, विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और स्कूल नियमित रूप से संचालित हों, इसके लिए राज्य सरकार ने आंदोलन से पहले ही सभी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिए थे। राज्य सरकार ने कहा था कि किसी भी परिस्थिति में स्कूल बंद न किए जाएं और शैक्षणिक कार्य नियमित रूप से जारी रखा जाए। इसके बावजूद कई जिलों में शिक्षक आंदोलन में शामिल हुए, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई।

इसके बाद विभागीय और जिला स्तर पर रिपोर्ट तैयार की गई। जांच में पता चला कि राज्यभर में कुल 8,629 शिक्षक आंदोलन में शामिल हुए थे। इसी आधार पर संबंधित शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटने का निर्णय लिया गया है।

शिक्षा विभाग ने कहा आगे भी होगी कार्रवाई

शिक्षा विभाग ने कहा है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो, इसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन और शिक्षकों की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि स्कूल बंद रहने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है तो ऐसे मामलों में भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निर्णय से शिक्षक संगठनों में नाराजगी

इस निर्णय से शिक्षक संगठनों में नाराजगी की संभावना जताई जा रही है। संगठन लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर महाराष्ट्र सरकार से समाधान की मांग कर रहे हैं। वहीं, शिक्षा विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई विद्यार्थियों के हित और शैक्षणिक व्यवस्था की निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।

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