चंद्रपुर के विमला साइडिंग में प्रदूषण की होगी उच्चस्तरीय जांच, पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे का आश्वासन

Chandrapur MIDC: चंद्रपुर के विमला साइडिंग में कोयला परिवहन से बढ़ते प्रदूषण और फसलों के नुकसान को लेकर पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने श्रमिक नेता दिनेश चोखारे को जांच व कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
Chandrapur MIDC Air Quality Violation
चंद्रपुर MIDC फाईल फोटो (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Chandrapur MIDC Air Quality Violation: चंद्रपुर शहर के MIDC ताडाली स्थित विमला साइडिंग में कथित रूप से घटिया अथवा मिलावटी कोयले की हैंडलिंग, भंडारण और परिवहन, बढ़ते वायु एवं धूल प्रदूषण, पर्यावरणीय नियमों के संभावित उल्लंघन, अनिवार्य वृक्षारोपण की अनदेखी तथा आसपास की कृषि भूमि को हो रहे नुकसान के मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और व्यापक जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

यह आश्वासन राज्य की पशुसंवर्धन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री पंकजा मुंडे ने कांग्रेस के श्रमिक नेता तथा चंद्रपुर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के संचालक दिनेश दादापाटील चोखारे को दिया। दिनेश चोखारे ने इस संबंध में मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि विमला साइडिंग परिसर में बड़े पैमाने पर कोयले की हैंडलिंग, भंडारण और परिवहन के कारण वायु एवं धूल प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है।

स्थानीय नागरिक लंबे समय से इसकी शिकायत कर रहे हैं। कोयले की धूल खेतों में जमा होने से फसलों को नुकसान पहुंच रहा है, भूमि की उर्वरता घट रही है और कृषि उत्पादन प्रभावित हो रहा है। संबंधित विभाग मौके पर वैज्ञानिक तरीके से जांच कर नुकसान का आकलन करें, आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करें।

उपायों की हो जांच

साइडिंग परिसर में खुले में कोयले की हैंडलिंग, भंडारण और परिवहन के कारण बड़ी मात्रा में उड़ने वाली धूल से वायु गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लोगों में श्वास संबंधी बीमारियां व अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं।

कठोर कार्रवाई हो

कांग्रेस श्रमिक नेता दिनेश चोखारे ने कहा है कि धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी का छिड़काव, प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों का प्रभावी संचालन, कोयले का ढंककर भंडारण, ढंके हुए वाहनों से परिवहन तथा पर्यावरणीय शर्तों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। यदि जांच में किसी भी प्रकार का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। जनहित, पर्यावरण संरक्षण, किसानों के हित और नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पूरे मामले की पारदर्शी एवं निष्पक्ष जांच कर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाना अत्यंत आवश्यक है।

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