गरवारे स्टेडियम विस्तार पर विवाद, 55 करोड़ की निविदा के साथ 75 पेड़ों की कटाई पर संभाजीनगर में रोष

Sambhajinagar Environmental Protest: गरवारे स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की योजना पर विवाद खड़ा हो गया है। साउथ पवेलियन के लिए 75 पेड़ काटने के प्रस्ताव से नागरिकों में रोष है।
Controversy erupts over Garware Stadium expansion; residents of Sambhaji Nagar are outraged over the Rs 55 crore tender and the felling of 75 trees
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Updated on

Sambhajinagar Municipal Project: छत्रपति संभाजीनगर, गरवारे स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की मनपा की महत्वाकांक्षी योजना अब विवादों में घिर गई है, साउथ पवेलियन के निर्माण के लिए 55 करोड़ रुपए की निविदा जारी होने के बाद स्टेडियम परिसर में मौजूद करीब 75 पेड़ों को काटने का प्रस्ताव सामने आया है।

इसके खिलाफ पर्यावरण प्रेमियों व स्थानीय नागरिकों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। मनपा आयुक्त जी श्रीकांत ने मराठवाड़ा की राजधानी में क्रिकेट स्टेडियम विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए राज्य क्रिकेट संघ व बीसीसीआई से सहयोग लेने की योजना थी, लेकिन स्टेडियम विस्तार के लिए आवश्यक कलाग्राम की जमीन उपलब्ध न होने के कारण अब यह विकास कार्य मनपा निधि से चरणबद्ध तरीके से किए जाने का फैसला लिया गया है।

मनपा के बजट में 50 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई थी। पहले चरण में फ्लड लाइट्स लगाई गई, जिससे अब रात्रि मैचों का आयोजन संभव हो सका है। अगले चरण में साउथ पवेलियन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि, प्रत्यक्ष निर्माण कार्य शुरू होने से पहले इस क्षेत्र में प्रस्तावित वृक्ष कटाई को लेकर नागरिकों से आपत्तियां मांगी गई हैं।

पर्यावरण संरक्षण के लिए योजना नहीं

प्रस्तावित वृक्ष कटाई में कडूनिम (30), शीशम (26), गुलमोहर (7), महारुख (2), काशीद (3), शिरस (1), करंज (1), पारस पीपल (1), मीठा बबूल (2) व ऑस्ट्रेलियन बबूल (1) जैसी प्रजातियों का समावेश है। इनमें से कई पेड 30 से 40 वर्ष पुराने हैं, जो क्षेत्र के पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते है।

पर्यावरण प्रेमियों ने मांग की है कि विकास व पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन रखा जाए व वैकल्पिक योजनाओं पर विचार किया जाए, ताकि हरित क्षेत्र को नुकसान पहुंचाए बिना स्टेडियम का विकास किया जा सके। उनका कहना है कि वृक्ष कटाई से इलाके में तापमान बढ़ेगा, प्रदूषण में इजाफा होगा व जैव विविधता को गंभीर नुकसान पहुंचेगा।

Navbharat Live
navbharatlive.com