छत्रपति संभाजीनगर के भविष्य के लिए नागरिकों का अपेक्षापत्र जारी; तात्कालिक नहीं, दीर्घकालीन विकास की मांग

Infrastructure Demands: संभाजीनगर के दीर्घकालीन और समावेशी विकास के लिए नागरिकों का अपेक्षापत्र जारी किया गया। इसमें जलापूर्ति, सुशासन, विकास योजना और परिवहन ढांचे को प्राथमिकता देने की मांग की गई है।
Citizens' manifesto released for the future of Chhatrapati Sambhaji Nagar; demanding long-term development, not just immediate solutions
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhajinagar Development: छत्रपति संभाजीनगर शहर के दीर्घकालीन, सतत, नियोजित और समावेशी विकास को ध्यान में रखते हुए सीएसएन फर्स्ट और टीम ऑफ एसोसिएशंस, छत्रपति संभाजीनगर के संयुक्त तत्वावधान में नागरिकों का एक सार्वजनिक अपेक्षापत्र जारी किया गया।

शहर की तेजी से बढ़ती आबादी, औद्योगिक विस्तार, डीएमआईसी जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और बदलती शहरी जरूरतों को देखते हुए केवल तात्कालिक उपायों के बजाय आने वाले कई दशकों को ध्यान में रखकर सतत विकास योजना लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

अपेक्षापत्र में प्रमुख रूप से शहर की जलापूर्ति योजना को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने, सुशासन और नागरिक-केंद्रित प्रशासन, विकास योजना को मूल उद्देश्य के अनुसार बिना किसी बदलाव के लागू करने तथा सड़क और परिवहन बुनियादी ढांचे को स्वतंत्र और दीर्घकालीन प्राथमिकता देने की मांग की गई है।

ट्रांसपोर्ट सिस्टम योजना बनाने का प्रस्ताव

हसूल, दौलताबाद, पैठण रोड, वालुज और चिकलथाना दिशाओं में शहर को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों को कम से कम 60 मीटर चौड़ा विकसित करने और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मल्टी-मॉडल मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम की योजना बनाने का प्रस्ताव रखा गया। इसके साथ ही अगले 25 वर्षों को ध्यान में रखकर मेट्रो परियोजना की वैज्ञानिक योजना तैयार कर सरकार के समक्ष ठोस प्रस्ताव प्रस्तुत करने की मांग की गई। स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग लगातार बेहतर करने के लिए कचरा प्रबंधन, सीवेज उपचार, जनजागरूकता और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। शहर की ऐतिहासिक धरोहर, द्वारों और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण के माध्यम से पर्यटन विकास को प्रोत्साहित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

तालाबों को मिले संरक्षण

हिमायत बाग को शहर की ऐतिहासिक और हरित संपत्ति बताते हुए विकास योजना में प्रस्तावित सड़क को तत्काल रद्द करने और बाग परिसर से किसी भी प्रकार की सड़क न बनाए जाने की स्पष्ट मांग की गई। साथ ही उद्यानों, तालाबों, खुले मैदानों और हरित क्षेत्रों के संरक्षण, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और पर्यावरण-अनुकूल विकास नीति लागू करने की आवश्यकता जताई गई।

सार्वजनिक सुरक्षा के लिए शहर के विस्तार के अनुपात में पुलिस बल को मजबूत करने, आधुनिक तकनीकी साचन और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई खेल क्षेत्र में विभागीय खेल संकुल - को आधुनिक बनाने के साथ-साथ प्रत्येक वार्ड में छोटे खेल मैदान विकसित करने का आग्रह किया गया।

इसके अलावा सभागृह और नाट्‌यगृहों के नियोजित उपयोग से सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, स्मार्ट - वार्ड अवधारणा लागू करने, केंद्र और राज्य सरकार की - योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने, शहर ब्रांडिंग के लिए राज्य और राष्ट्रीय स्तर के खेल, कला और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने, पार्किंग व्यवस्था, पैदल यात्री और - साइकिल मार्ग विकास, नियोजित व्यावसायिक सुविधाएं, - हरित भवन नीति और नागरिक मांगों की नियमित समीक्षा के लिए मासिक बैठकों की भी मांग की गई।

बुनियादी सुविधाएं जरूरी

कार्यक्रम में बोलते हुए मुकुंद कुलकर्णी ने बताया कि अगले 20 वर्षों में शहर की जनसंख्या लगभग 50 लाख तक पहुंच सकती है, इसलिए अभी से दूरदृष्टि वाला नियोजन आवश्यक है। उन्होंने टीम ऑफ एसोसिएशंस द्वारा प्रस्तुत 21 प्रमुख मांगों की विस्तृत जानकारी दी।

समापन भाषण में मानसिंग पवार ने कहा कि सत्ता की राजनीति से ऊपर उठकर सभी राजनीतिक दलों को टीम ऑफ एसोसिएशंस के माध्यम से नियमित बैठकें कर शहर के विकास के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए। इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी तथा शहर की अनेक सामाजिक और औद्योगिक संस्थाओं के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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