महाराष्ट्र में भूमि अभिलेख व्यवस्था बनेगी देश में सर्वोत्तम, जिला-तहसील स्तर पर होगा त्वरित समाधान

Chandrashekhar Bawankule ने भूमि अभिलेख व्यवस्था को पारदर्शी और जन-उन्मुख बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। ‘महाराजस्व समाधान शिविर’ के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा।
Chandrashekhar Bawankule
Chandrashekhar Bawankule (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Maharashtra Land Record System Reform: महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि राज्य सरकार का उद्देश्य महाराष्ट्र में देश की सर्वश्रेष्ठ भूमि अभिलेख व्यवस्था स्थापित करना है।

मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने ‘छत्रपति शिवाजी महाराज महाराजस्व समाधान शिविर अभियान (चरण-1)’ को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर मुख्य सचिव विकास खड़गे सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री ने स्पष्ट किया कि भूमि अभिलेख प्रणाली को अधिक पारदर्शी, गतिशील और जन-उन्मुख बनाया जाएगा। उनका कहना था कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और जवाबदेह बनाकर आम नागरिकों का विश्वास मजबूत किया जा सकता है।

नागरिकों और किसानों को त्वरित राहत

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि राज्य के आम नागरिकों, किसानों, महिलाओं और विद्यार्थियों की राजस्व विभाग से संबंधित समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिला और तहसील स्तर पर प्रभावी शिविर आयोजित किए जाएं, जिससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और मामलों का निपटारा समयबद्ध ढंग से हो।

‘महाराजस्व समाधान शिविर’ की भूमिका

इस अभियान के अंतर्गत नामांतरण, भूमि अभिलेख सुधार, प्रमाणपत्र जारी करना और अन्य राजस्व संबंधी मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों पर तत्परता से कार्रवाई हो और प्रत्येक स्तर पर समन्वय बनाए रखा जाए।

सरकार को विश्वास है कि इस पहल से प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ेगी, भूमि संबंधी विवादों में कमी आएगी और आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। भूमि अभिलेख व्यवस्था में सुधार से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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