सीएम फडणवीस का कनाडाई शिष्टमंडल से महाराष्ट्र में निवेश का आग्रह, शिक्षा-तकनीक पर जोर

Devendra Fadnavis ने कनाडाई शिष्टमंडल से महाराष्ट्र में शिक्षा और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश का आह्वान किया। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और प्रस्तावित ‘एजुसिटी’ परियोजना पर भी प्रकाश डाला।
Devendra Fadnavis
देवेंद्र फडणवीस (सौ. सोशल मीडिया एक्स )
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Navi Mumbai EduCity Project: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कनाडाई शिष्टमंडल से राज्य में निवेश की अपार संभावनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।

मुंबई के ताज पैलेस मुंबई में आयोजित स्वागत समारोह में उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों का सामना करते हुए भी विकास की राह पर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विशेष रूप से शिक्षा और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कनाडाई शैक्षणिक संस्थानों और उद्यमियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा, “कनाडा के लिए महाराष्ट्र में निवेश के अनेक अवसर उपलब्ध हैं, खासकर शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में।”

फडणवीस ने राज्य में चल रही बड़े पैमाने की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उल्लेख करते हुए कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र में व्यापक औद्योगिक और व्यावसायिक विकास की संभावनाएं खुलेंगी।

नवी मुंबई में बनेगी इंटरनेशनल एजुसिटी

इसके साथ ही उन्होंने नवी मुंबई में स्थापित की जा रही अंतरराष्ट्रीय ‘एजुसिटी’ (शिक्षा नगरी) परियोजना की जानकारी दी। इस परियोजना के तहत विदेशी विश्वविद्यालयों को अपने परिसर खोलने का अवसर दिया जाएगा। अब तक पांच विश्वविद्यालयों को ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ जारी किए जा चुके हैं। कार्यक्रम में कनाडा के राष्ट्रीय राजस्व मंत्री फ्रेंकोइस-फिलिप शैम्पेन और न्यू ब्रंसविक राज्य की प्रीमियर सुसान होल्ट सहित उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल उपस्थित था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र की लगभग 60 प्रतिशत आबादी 27 वर्ष से कम आयु की है, जो राज्य के लिए एक विशाल मानव संसाधन शक्ति है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत और कनाडा के बीच शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग से दोनों पक्षों को लाभ होगा। इस अवसर पर राज्य सरकार ने वैश्विक निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियों और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था पर भी जोर दिया, ताकि महाराष्ट्र को अंतरराष्ट्रीय निवेश का प्रमुख केंद्र बनाया जा सके।

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