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	<title>विदिशा &amp;#8211; Hindi News, Hindi Samachar, Latest News in Hindi: Navbharat Live</title>
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	<description>सदैव अपने पाठकों के साथ</description>
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	<title>विदिशा &amp;#8211; Hindi News, Hindi Samachar, Latest News in Hindi: Navbharat Live</title>
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		<title>सात समंदर पार बजा छत्रपति शिवाजी महाराज का डंका, इजरायल लगाने जा रहा है खास मूर्ति, बनेगा दोस्ती का प्रतीक</title>
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		<dc:creator><![CDATA[अक्षय साहू]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Jun 2026 11:01:00 +05:30</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 07 Jun 2026 11:01:00 +05:30</modifiedDate>
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					<description><![CDATA[India-Israel Relations: भारत-इजरायल दोस्ती के प्रतीक के रूप में अब इजरायल में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति और स्मारक स्थापित किया जाएगा, जिसकी घोषणा कॉन्सुल जनरल यानिव रेवाच ने की है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/06/Chhatrapati-Shivaji-Maharaj-Statue-Israel_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Chhatrapati Shivaji Maharaj Statue And Memorial To Be Installed In Israel Project"  fetchpriority="high"   /></figure><p><span style="font-weight: 400;"><strong>Chhatrapati Shivaji Maharaj Statue Israel:</strong> इजरायल में जल्द ही छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति और स्मारक स्थापित किए जाएंगे। इजरायल में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति भारत-इजरायल दोस्ती का प्रतीक होगी। इस बात की जानकारी इजरायल के कॉन्सुल जनरल यानिव रेवाच ने मीडिया से बात करते हुए दी। इसके अलावा, उन्होंने लेबनान से होने वाले हमलों के खिलाफ इजरायल की सुरक्षा कार्रवाई का बचाव किया। </span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">यानिव रेवाच ने छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक दिवस समारोह के मौके पर भारत के लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि यह बहुत अहम दिन है। जब मैं कुछ महीने पहले यहां आया था, तो मुझे भारत के इतिहास के बारे में जानना था। मैं यह जानकर सच में बहुत प्रभावित हुआ कि हमारा इतिहास बहुत मिलता-जुलता है और हमारे साथ भी बिल्कुल वैसा ही है। यहूदियों को देश के लिए दशकों तक लड़ना पड़ा जब तक कि हमें अपनी जमीन नहीं मिल गई और हम अपना राज्य बनाने में कामयाब नहीं हो गए।</span></p>
<h3>फरवरी में PM मोदी ने किया था दौरा</h3>
<p><span style="font-weight: 400;">यानिव रेवाच ने कहा कि, फरवरी में<a href="https://navbharatlive.com/india/pm-modi-breaks-jawaharlal-nehru-record-longest-serving-elected-prime-minister-1777386.html"> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी</a> के इजरायल के दौरे के बाद, हमने तय किया कि हम यहां भारत में एक बड़े प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे। हमें अपने दोनों देशों के बीच संबंधों को गहरा करने के लिए कुछ बजट मिला। इजरायलियों और भारतीयों के बीच सहयोग की सिर्फ एक नियमित सांस्कृतिक गतिविधि करने के बजाय, हमने कुछ ऐसा सोचा जो ज्यादा एक गुडविल प्रोजेक्ट हो। इसीलिए हमें असल में भारतीय हीरो छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति बनाने और उसे इजरायल भेजने का आइडिया आया।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">यह इजरायल और भारत के लोगों के बीच दोस्ती और प्रेरणा का एक लंबे समय तक चलने वाला प्रतीक बनने वाला है। इस विचार ने असल में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दफ्तर को भी सूचित किया। वह तुरंत मुझसे मिलने के लिए मान गए। सिर्फ इतना ही नहीं, उन्होंने मुझसे कहा कि वह हमारे खूबसूरत प्रोजेक्ट का समर्थन करने और हमारी हर तरह से मदद करने को तैयार हैं जिसकी हमें जरूरत होगी।</span></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Indonesia Minister India Visit: भारत पहुंचे इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगिओनो; एस जयशंकर के साथ करेंगे बैठक" href="https://navbharatlive.com/india/indonesia-minister-visit-sugiono-india-jaishankar-joint-commission-meeting-1781631.html"> <span class="color-red">Indonesia Minister India Visit</span>: भारत पहुंचे इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगिओनो; एस जयशंकर के साथ करेंगे बैठक</a></strong></p>
<h3>इजरायल में मूर्ति और जगह कैसी होगी?</h3>
<p><span style="font-weight: 400;">इजरायली अधिकारी ने कहा कि बात सिर्फ यह नहीं है कि हम मूर्ति लाएंगे। हम एक बहुत अच्छे आर्टिस्ट को ढूंढेंगे। हम एक बहुत अच्छी मूर्ति बनाएंगे। हम इसे <a href="https://navbharatlive.com/world/trump-netanyahu-phone-call-angry-scolding-hezbollah-attacks-lebanon-1770313.html">इजरायल</a> भेजेंगे। हम इजरायल में कुछ म्युनिसिपैलिटी से पता कर रहे हैं कि हम मूर्ति कहां लगाने जा रहे हैं। यह कुछ ऐसा है जो इजरायली लोगों को भारत के इतिहास के बारे में भी सीखना चाहिए। इसके अलावा, हम यह भी सोच रहे हैं कि क्या हम शिवाजी की किताब का हिब्रू में ट्रांसलेशन कर सकते हैं, इसका ट्रांसलेशन करें ताकि लोग उनकी स्क्रिप्ट के बारे में जान सकें।</span></p>
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		<title>28 नेताओं पर गिरी गाज! निर्वाचन आयोग ने घोषित किया अयोग्य; 12 उम्मीदवार नहीं लड़ पाएंगे 2027 का निकाय चुनाव</title>
		<link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/vidisha/state-election-commission-action-disqualifies-28-candidates-vidisha-municipal-poll-expenditure-1713652.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[सजल रघुवंशी]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 04 May 2026 20:57:59 +05:30</pubDate>
		<modifiedDate>Mon, 04 May 2026 20:57:59 +05:30</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[विदिशा]]></category>
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					<description><![CDATA[Vidisha News:साल 2022 में हुए नगरीय निकाय चुनाव के दौरान खर्च का ब्यौरा जमा न करने वाले 28 उम्मीदवारों पर राज्य निर्वाचन आयोग ने सख्त कार्रवाई की है। आयोग ने सभी को अयोग्य घोषित कर दिया है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/05/Madhya-Pradesh-Election-Commision_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="State Election Commission Action Disqualifies 28 Candidates Vidisha Municipal Poll Expenditure"    /></figure><p><strong>MP State Election Commission Action:</strong> साल 2022 में हुए नगरीय निकाय चुनाव के दौरान खर्च का ब्यौरा जमा न करने वाले 28 उम्मीदवारों पर राज्य निर्वाचन आयोग ने सख्त कार्रवाई की है। आयोग ने सभी को अयोग्य घोषित कर दिया है। इनमें से 16 उम्मीदवारों पर एक वर्ष के लिए चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया गया है, हालांकि वे 2027 में होने वाले चुनाव में फिर से भाग ले सकेंगे।</p>
<p>आयोग की ओर से 28 अप्रैल को जारी आदेश में कहा गया है कि चुनाव समाप्त होने के बाद सभी उम्मीदवारों के लिए अगस्त 2022 तक अपने चुनावी खर्च का पूरा विवरण देना अनिवार्य था। इसके बावजूद संबंधित उम्मीदवारों ने न तो समय पर जानकारी सौंपी और न ही नोटिस मिलने के बाद सुनवाई में उपस्थित हुए। इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए आयोग ने नगर निगम और नगरपालिका से जुड़े प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की है।</p>
<h3>इन उम्मीदवारों पर हुई कार्रवाई</h3>
<p>यह कार्रवाई <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/gwalior/state-level-dairy-conference-cm-mohan-yadav-milk-capital-announcement-1713629.html">मध्य प्रदेश</a> के विदिशा जिले के अलग-अलग नगरीय निकायों से जुड़े उम्मीदवारों पर की गई है। इनमें नगरपालिका विदिशा, नगरपालिका गंजबासौदा और नगर परिषद लटेरी व कुरवाई के प्रत्याशी शामिल हैं। एक साल के प्रतिबंध का सामना करने वालों में धीरज सोनी और राहुल रत्नाकर (विदिशा), संजीव शर्मा (गंजबासौदा), नीतू नरेश सक्सेना (लटेरी) के साथ रोशन जहां मजाज मोहम्मद, कमलाबाई बागड़ी, नीतू अहिरवार, इदरीश खान, मंजू तिवारी, मालती जैन, ब्रजेश छोटे, रीना मांझी, मुस्लिम खान, सपना शर्मा और निर्मला अहिरवार (कुरवाई) के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं।</p>
<h3>राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव ने क्या कहा?</h3>
<p>राज्य <a href="https://navbharatlive.com/elections/election-commission-warning-social-media-fake-news-ai-generated-content-action-1683809.html">निर्वाचन आयोग</a> के सचिव दीपक सिंह ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना हर उम्मीदवार की जिम्मेदारी है। खर्च का विवरण प्रस्तुत न करना गंभीर उल्लंघन है और ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि सभी 28 उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित किया गया है, हालांकि उनकी अयोग्यता की अवधि अलग-अलग तय की गई है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a class="title" title="MP News: किसान को खुदखुशी के लिए उकसाने के मामले में BJP नेता शशांक भार्गव पर FIR, जानें पूरा मामला" href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/vidisha/fir-registered-against-shashank-bhargava-farmer-death-case-1713604.html">MP News: किसान को खुदखुशी के लिए उकसाने के मामले में BJP नेता शशांक भार्गव पर FIR, जानें पूरा मामला</a></strong></p>
<h3>12 उम्मीदवार नहीं लड़ पाएंगे 2027 का निकाय चुनाव</h3>
<p>जानकारी के अनुसार, 12 उम्मीदवारों पर लंबी अवधि की अयोग्यता लागू की गई है, जिसके चलते वे 2027 में होने वाले अगले नगरीय निकाय चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। वहीं 16 उम्मीदवारों को एक वर्ष के लिए अयोग्य ठहराया गया है, जिससे वे प्रतिबंध अवधि पूरी होने के बाद चुनाव लड़ने के पात्र बने रहेंगे। मध्य प्रदेश में अगला नगरीय निकाय चुनाव वर्ष 2027 में प्रस्तावित है। ऐसे में जिन उम्मीदवारों पर लंबी अवधि का प्रतिबंध लगाया गया है, उनके लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है, जबकि एक साल की अयोग्यता झेलने वाले उम्मीदवारों के पास वापसी का अवसर बना रहेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>MP News: किसान को खुदखुशी के लिए उकसाने के मामले में BJP नेता शशांक भार्गव पर FIR, जानें पूरा मामला</title>
		<link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/vidisha/fir-registered-against-shashank-bhargava-farmer-death-case-1713604.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[सजल रघुवंशी]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 04 May 2026 20:13:29 +05:30</pubDate>
		<modifiedDate>Mon, 04 May 2026 20:13:29 +05:30</modifiedDate>
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					<description><![CDATA[Vidisha News: विदिशा में किसान गोविंद गुर्जर की मौत के मामले में पूर्व विधायक शशांक भार्गव पर FIR दर्ज की गई है। मरने से पहले किसान ने वीडियो बनाकर लगाए थे गंभीर आरोप।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/05/FIR-Against-Shashank-Bhargava_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Fir Registered Against Shashank Bhargava Farmer Death Case"    /></figure><p><strong>FIR Registered Against Shashank Bhargava:</strong> मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में एक किसान की मौत के मामले में पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में भाजपा नेता और पूर्व विधायक शशांक भार्गव के खिलाफ केस दर्ज किया है। विदिशा पुलिस के अधिकारी अतुल सिंह ने सोमवार को बताया कि सोगई इलाके के रहने वाले किसान गोविंद गुर्जर का शव 27 अप्रैल को पीपल वाली पुलिया के पास रेलवे ट्रैक पर मिला था।</p>
<p>जांच के दौरान सामने आया कि मृतक ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो बनाया था, जिसमें उसने पूर्व विधायक पर गंभीर आरोप लगाए थे। गौरतलब है कि शशांक भार्गव मार्च 2024 में कांग्रेस पार्टी को छोड़कर सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल हुए थे।</p>
<h3>मामले की जांच के लिए गठित की गई थी एसआईटी</h3>
<p>मामले की संवेदनशीलता और जनाक्रोश को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने सच्चाई सामने लाने के लिए <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/nashik/nasik-fake-baba-ashok-kharat-police-custody-physical-assault-case-updates-1700074.html">विशेष जांच दल</a> (एसआईटी) का गठन किया था। जांच के दौरान यह सामने आया कि शशांक भार्गव पर किसान पर मकान से जुड़ा अनुबंध करने का दबाव बनाने और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप हैं। बताया जा रहा है कि इसी दबाव और परेशानी के चलते किसान ने यह कठोर कदम उठाया। अधिकारी के अनुसार, पुलिस ने रविवार शाम भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाने) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।</p>
<h3>जांच के दौरान हुआ बड़ा खुलासा</h3>
<p>पुलिस के अनुसार जांच के दौरान किसान के मोबाइल से मिले वीडियो, ऑडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य अहम कड़ी साबित हुए। इन्हीं के आधार पर, साथ ही परिजनों और गवाहों के बयानों को जोड़ते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर भाजपा नेता शशांक भार्गव के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला कायम किया। मिली जानकारी के मुताबिक, इस अपराध में दोषी पाए जाने पर अधिकतम 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।</p>
<h3>शशांक भार्गव पर लगाए गए यह गंभीर आरोप</h3>
<p>बताया जा रहा है कि किसान ने जान देने से ठीक पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने पूर्व विधायक पर गंभीर आरोप लगाए थे। वीडियो में गोविंद गुर्जर ने कहा कि उसके पैसे वापस नहीं किए जा रहे थे और रकम लौटाने के बदले उस पर केंद्रीय मंत्री <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/raisen/shivraj-singh-chouhan-wheat-procurement-review-good-news-for-farmers-1697027.html">शिवराज सिंह चौहान</a> तथा भाजपा विधायक मुकेश टंडन पर हमला करने का दबाव बनाया जा रहा था।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:  <a class="gs-title" dir="ltr" href="https://www.google.com/url" target="_self" data-cturl="https://www.google.com/url" data-ctorig="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/shivraj-singh-joins-vivah-sammelan-and-inauguration-of-development-works-1706874.html">सामूहिक विवाह सम्मेलन में पहुंचे शिवराज, कहा- &amp;#8216;मंत्री नहीं, बेटियों का मामा &amp;#8230;</a></strong></p>
<p>वहीं पूर्व विधायक शशांक भार्गव ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उनका कहना था कि गोविंद उनके खेत को बटाई पर लेता था और उनके बीच किसी तरह का विवाद या दबाव नहीं था। उन्होंने आशंका जताई कि उन्हें फंसाने के लिए यह वीडियो तैयार कराए गए और बाद में किसान की हत्या कर दी गई।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>MP हाईकोर्ट ने सरकारी सर्कुलर को किया निरस्त! अब सीनियरिटी नहीं योग्यता से बनेंगे प्राचार्य, जानें पूरा मामला</title>
		<link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/vidisha/high-court-historical-verdict-on-minority-educational-institutions-rights-1708232.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[सजल रघुवंशी]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 01 May 2026 17:37:35 +05:30</pubDate>
		<modifiedDate>Fri, 01 May 2026 17:37:35 +05:30</modifiedDate>
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		<category><![CDATA[Madhya Pradesh News]]></category>
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					<description><![CDATA[Madhya Pradesh News: अल्पसंख्यक संस्थानों को मिला प्राचार्य चुनने का अधिकार। MP हाईकोर्ट ने वरिष्ठता आधारित सरकारी नियम को किया रद्द। स्वायत्तता पर ऐतिहासिक फैसला।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/05/MP-High-Court_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="High Court Historical Verdict On Minority Educational Institutions Rights"     /></figure><p><strong>MP High Court Historical Verdict:</strong> मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर युगल पीठ ने अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के अधिकारों को लेकर अहम और ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। एक सुनवाई के दौरान अदालत ने गुरुवार को साफ कहा कि किसी भी अल्पसंख्यक संस्थान जो सहायता प्राप्त है उसे अपने प्राचार्य या प्रभारी प्राचार्य के चयन का पूर्ण संवैधानिक अधिकार है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि सरकार इन संस्थानों पर वरिष्ठता आधारित नियम लागू करने के लिए बाध्य नहीं कर सकती।</p>
<p>बता दें कि सुनवाई के दौरान पीठ ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान में प्राचार्य की भूमिका बेहद अहम होती है क्योंकि वही अनुशासन, प्रशासन और शिक्षा की गुणवत्ता तय करता है। ऐसे में संस्थान को यह अधिकार होना चाहिए कि वह अपनी जरूरत और योग्यता के आधार पर नेतृत्व का चयन करे भले ही चयनित व्यक्ति सबसे वरिष्ठ न हो।</p>
<h3>अदालत ने सरकारी सर्कुलरों को किया निरस्त</h3>
<p>मध्य प्रदेश <a href="https://navbharatlive.com/entertainment/karisma-kapoor-sanjay-kapur-property-case-delhi-high-court-order-1706463.html/amp">हाई कोर्ट</a> ने 25 अगस्त 2021 और 8 सितंबर 2021 को जारी उन सरकारी सर्कुलरों को अल्पसंख्यक संस्थानों के लिए निरस्त कर दिया है, जिनमें वरिष्ठतम अध्यापक को ही प्रभारी बनाने का प्रावधान था। साथ ही यह भी साफ किया गया कि जब प्रबंधन किसी योग्य उम्मीदवार का चयन कर ले, तो उसकी उपयुक्तता पर सरकार या अदालत को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।</p>
<h3>कॉलेज नियुक्ति विवाद की वजह से बढ़ा मामला</h3>
<p>वरिष्ठ अधिवक्ता एमपीएस रघुवंशी के अनुसार, यह विवाद <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/rain-alert-in-seventeen-districts-of-madhya-pradesh-weather-update-1707930.html">मध्य प्रदेश</a> के विदिशा स्थित एसएसएल जैन पीजी कॉलेज से शुरू हुआ। कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य डॉ. शोभा जैन के सेवानिवृत्त होने के बाद प्रबंधन समिति ने डॉ. एसके उपाध्याय को प्रभारी प्राचार्य नियुक्त किया। हालांकि, शासन के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक ने इस निर्णय को रद्द कर वरिष्ठता के आधार पर डॉ. अर्चना जैन को प्रभार सौंपने का आदेश जारी कर दिया। प्रबंधन ने इसे अपनी स्वायत्तता में हस्तक्षेप बताते हुए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में चुनौती दी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a class="title" title="Jabalpur Cruise Accident: ‘यह अत्यंत पीड़ादायक है’, बरगी डैम हादसे पर PM Modi का भावुक संदेश; मुआवजे का ऐलान" href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/pm-modi-condolences-on-bargi-dam-cruise-accident-compensation-announced-1708088.html"> Jabalpur Cruise Accident: ‘यह अत्यंत पीड़ादायक है’, बरगी डैम हादसे पर PM Modi का भावुक संदेश; मुआवजे का ऐलान </a></strong></p>
<h3>हाईकोर्ट ने बदला पूरा फैसला</h3>
<p>मामले की प्रारंभिक सुनवाई में सिंगल बेंच ने शासन के पक्ष में फैसला सुनाया था लेकिन बाद में ग्वालियर की युगल पीठ ने उस आदेश को पूरी तरह पलट दिया। अदालत ने प्रबंधन के अधिकार को सही ठहराते हुए उसके निर्णय को वैध माना।</p>
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