

Election Commission Of India Guidelines: भारत निर्वाचन आयोग ने चुनाव और उपचुनाव के दौरान सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अफवाह फैलाने वाले और फर्जी कंटेंट प्रसारित करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। भारत निर्वाचन आयोग ने जारी आदेश में कहा है कि सभी राजनीतिक दल सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिम्मेदार और नैतिक इस्तेमाल सुनिश्चित करेंगे। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000, आईटी नियम 2021 और आदर्श आचार संहिता का पूर्णतः पालन होना चाहिए।
आयोग ने निर्देश दिया है कि कोई भी गुमराह करने वाला या गैर-कानूनी एआई द्वारा बनाया गया या छेड़छाड़ किया गया कंटेंट जैसे ही संज्ञान में आएगा, उस पर तीन घंटे के भीतर कार्रवाई की जाएगी। राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और चुनाव प्रचार प्रतिनिधियों के लिए सुनिश्चित करना जरूरी है कि चुनाव प्रचार के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला कोई भी कृत्रिम रूप से बनाया गया या एआई द्वारा बदला गया कंटेंट स्पष्ट रूप से 'एआई जनरेटेड', 'डिजिटली एनहांस्ड' या 'सिंथेटिक कंटेंट' के रूप में अंकित किया जाए। इसके साथ ही, पारदर्शिता और मतदाताओं का भरोसा बनाए रखने के लिए बताया जाए कि यह कंटेंट किसने बनाया है।
चुनाव आयोग ने कहा है कि विधानसभा के लिए चल रहे चुनावों में सोशल मीडिया कंटेंट की निगरानी की जा रही है और कार्रवाई की जा रही है। ऐसे कंटेंट में चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले पोस्ट, कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने वाले या बिगाड़ने की क्षमता रखने वाले पोस्ट और मतदान प्रक्रिया या मशीनरी के खिलाफ झूठी बातें फैलाने वाले पोस्ट शामिल हैं।
इन पर आईटी अधिनियम के तहत अधिसूचित संबंधित राज्य आईटी नोडल अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 15 मार्च 2026 के बाद से 11 हजार से अधिक ऐसे सोशल मीडिया पोस्ट व यूआरएल की पहचान की गई है और उन पर कार्रवाई की गई है। इन कार्रवाइयों में कंटेंट को हटाना, एफआईआर दर्ज करना, स्पष्टीकरण मांगना और खंडन जारी करना शामिल है।
आयोग ने 'लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951' की धारा 126 के तहत दिए गए प्रावधानों को भी फिर से दोहराया है। ये प्रावधान मतदान समाप्त होने से पहले के 48 घंटों के दौरान मतदान क्षेत्रों में किसी भी चुनावी सामग्री के प्रदर्शन पर रोक लगाते हैं। मीडिया प्लेटफॉर्म, टेलीविजन, रेडियो, प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया को इन प्रावधानों का सख्ती से पालन करना जरूरी है। इसके अलावा नागरिक, राजनीतिक दल और उम्मीदवार ईसीआईनेट पर उपलब्ध 'सी-विजिल मॉड्यूल' का इस्तेमाल करके चुनाव आचार संहिता के उल्लंघनों की रिपोर्ट कर सकते हैं। 15 मार्च से 19 अप्रैल तक सी-विजिल ऐप का इस्तेमाल करके 3,23,099 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से 3,10,393 शिकायतें, यानी 96.01 फीसदी शिकायतें 100 मिनट की तय समय सीमा के भीतर सुलझा दी गईं।
एजेंसी इनपुट के साथ...