-
गुरु, 18 जून 2026 ई-पेपर
- Hindi News »
- Madhya Pradesh »
- Jabalpur »
- Bhopal Twisha Sharma Case Cbi Investigation Dinesh Upadhyay Statement
EXCLUSIVE: CBI खोलेगी ट्विशा शर्मा डेथ केस के राज, कानूनी बहस और गंभीर सवाल बरकरार
- Reported By: पवन पटेल | Edited By: प्रीतेश जैन
Expert Opinion In Twisha Case: ट्विशा शर्मा केस के राज अब CBI खोलेगी। अब भी ऐसे कई सवाल हैं, जिनके जवाब नहीं मिल पाए हैं। साथ ही कानूनी विशेषज्ञ भी कई सवाल उठा रहे हैं, जिनके जवाब सभी को जानने हैं।

ट्विशा शर्मा केस (फोटो सोर्स- AI)
Twisha Sharma Case Exclusive Report: भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच अब सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी CBI के हाथों में पहुंच गई है। CBI इस केस की तह तक जाने के लिए हर एंगल से जांच में जुटी हुई है। इस बीच मामले को लेकर कानूनी और जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलू सामने आ रहे हैं। मामले में कई ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब अब तक नहीं मिले हैं। ऐसे में जांच एजेंसी इन सभी सवालों के जवाब तलाश रही है।
इस पूरे मामले पर जबलपुर के कानूनी विशेषज्ञ और एडवोकेट दिनेश उपाध्याय ने विस्तृत राय दी है। उन्होंने कहा कि ट्विशा शर्मा की आत्महत्या का मामला सामान्य घटना की तरह ही देखा जा सकता है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाओं को लेकर पहले से कानून में स्पष्ट प्रावधान मौजूद हैं, जिसमें कहा गया है कि यदि शादी के सात साल के भीतर किसी महिला की मौत होती है या वह आत्महत्या करती है तो जांच के दौरान सबसे पहले परिवार के सदस्यों से पूछताछ की जाती है।
पहले क्यों नहीं की गई शिकायत?
दिनेश उपाध्याय के अनुसार इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि शादी के बाद से ही ट्विशा शर्मा को प्रताड़ित किया जा रहा था, तो उसने पहले शिकायत क्यों नहीं की और उसके परिवार ने भी उस समय कोई ऑब्जेक्शन क्यों नहीं उठाया, जबकि ट्विशा और उसका परिवार कानूनी प्रक्रिया से परिचित बताए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि अब मीडिया के सामने यह बातें रखी जा रही हैं तो यह भी जांच का हिस्सा होना चाहिए कि पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
सम्बंधित ख़बरें
मनुआभान टेकरी कांड: भोपाल कोर्ट ने दो दोषियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा, 7 साल बाद मिला मासूम को न्याय
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मध्यप्रदेश दौरे पर इंदौर पहुंचीं, राज्यपाल और सीएम ने किया एअरपोर्ट पर स्वागत
मध्य प्रदेश में तबादलों का रिकॉर्ड: 16 दिन में 17,000 से ज्यादा कर्मचारियों का हुआ ट्रांसफर
20 जून को इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन, सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री खट्टर होंगे शामिल
एडवोकेट दिनेश उपाध्याय
साक्ष्य प्रभावित होने की आशंका
उन्होंने यह भी कहा कि यदि समर्थ सिंह के परिवार पर जांच और साक्ष्यों को प्रभावित करने के आरोप लगाए जा रहे हैं, तो यह गंभीर बात है। उनका कहना है कि घटना के 15 दिन बाद तक जांच में देरी और शव का दूसरा पोस्टमार्टम न होना भी ऐसे पहलू हैं, जिनसे साक्ष्य प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि इतने दिनों तक ट्विशा के परिवार ने भी कोई सक्रिय कार्रवाई नहीं की।
गिरीबाला को लेकर सवाल बरकरार
मामले में यह भी चर्चा है कि गिरिबाला सिंह की घटना के दूसरे दिन ही अग्रिम जमानत हो गई थी। उन्हें बयान देने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं गईं, जबकि उनका कहना है कि उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला। यदि पुलिस की कार्रवाई में उन्होंने सहयोग नहीं किया तो उनकी अभी तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई, यह सवाल भी उठ रहे हैं। दिनेश उपाध्याय ने आगे कहा कि कोर्ट ने इस मामले में बहुत तेजी से सुनवाई की है और याचिकाओं को तुरंत स्वीकार कर सुनवाई और कार्रवाई की गई है। उनके अनुसार न्यायालय शुरू से ही इस मामले में गंभीर रहा है।
गिरीबाला सिंह
ये भी पढ़ें : Congress OBC Politics: ‘कर्नाटक में सिद्दरमैया की विदाई? मध्य प्रदेश के इन OBC नेताओं की खुल सकती है किस्मत!
इस तरह की घटनाओं से सबक
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाओं से समाज को सबक लेना चाहिए। यह मामला सकारात्मक मानसिकता वालों के लिए सीख है कि ऐसी घटनाएं परिवार में न हों और होने पर समय पर कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं नकारात्मक या आपराधिक प्रवृत्ति वाले लोग ऐसे मामलों से कानून की खामियों को समझने की कोशिश कर सकते हैं, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। फिलहाल ट्विशा शर्मा की जांच CBI के अधीन जारी है और सभी पहलुओं पर गहन जांच की जा रही है।
Bhopal twisha sharma case cbi investigation dinesh upadhyay statement
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
ट्रंप का नया सस्पेंस! न्यूक्लियर, पीस डील या सिर्फ MoU? अमेरिकी राष्ट्रपति की बात से दुनिया में बढ़ा कन्फ्यूजन
Jun 18, 2026 | 10:05 AMFather’s Day: ‘पापा कभी नहीं रोते’… लेकिन क्या सच में? जिम्मेदारियों के बोझ तले दबे भारतीय पुरुषों का दर्द
Jun 18, 2026 | 09:48 AMमनुआभान टेकरी कांड: भोपाल कोर्ट ने दो दोषियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा, 7 साल बाद मिला मासूम को न्याय
Jun 18, 2026 | 09:42 AMजंग खत्म, खुला होर्मुज! ट्रंप और पेजेशकियान ने किए समझौते पर दस्तखत, जानें 14 सूत्रीय फॉर्मूले में क्या है ?
Jun 18, 2026 | 09:30 AMराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मध्यप्रदेश दौरे पर इंदौर पहुंचीं, राज्यपाल और सीएम ने किया एअरपोर्ट पर स्वागत
Jun 18, 2026 | 09:23 AMमध्य प्रदेश में तबादलों का रिकॉर्ड: 16 दिन में 17,000 से ज्यादा कर्मचारियों का हुआ ट्रांसफर
Jun 18, 2026 | 09:21 AMPM मोदी पहुंचे पेरिस: प्रवासी भारतीयों ने किया स्वागत, राष्ट्रपति मैक्रॉन संग विवाटेक 2026 में लेंगे हिस्सा
Jun 18, 2026 | 09:00 AMवीडियो गैलरी

क्या शिवसेना में बगावत बन चुकी है परंपरा? 1991 से 2026 तक विद्रोह की पूरी टाइमलाइन- VIDEO
Jun 17, 2026 | 11:04 PM
अयोध्या में महिलाओं की निजता पर भी टैक्स? सरयू घाट के चेंजिंग रूम का यह सच जानकर भड़क उठे लोग, देखें VIDEO
Jun 17, 2026 | 09:44 PM
इंदौर में ₹29 लाख की लूट का मास्टरमाइंड निकला फौजी, वारदात के बाद गया मंदिर; पुलिस ने किया गिरफ्तार, VIDEO
Jun 17, 2026 | 09:29 PM
अगर हमें सुरक्षा नहीं मिली तो… UP के वकीलों का फूटा गुस्सा, प्रयागराज में निकाला जुलूस; देखें VIDEO
Jun 17, 2026 | 09:13 PM
नाविकों की मौत से ट्रेड डील तक, 16 महीने बाद आमने-सामने मोदी-ट्रंप! किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
Jun 17, 2026 | 07:31 PM
रांची में RSS कार्यालय पर हुआ हमला, पेट्रोल बम से कार्यालय जलाने की साजिश! देखें VIDEO
Jun 17, 2026 | 02:36 PM











