दिवाली पर टूटा 4 साल का रिकॉर्ड, ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंची दिल्ली की हवा; GRAP स्टेज-II लागू

Delhi: दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के आंकड़ों के अनुसार, शहर के 26 में से 23 नॉइज मॉनिटरिंग स्टेशन पर ध्वनि स्तर सीमा से ऊपर दर्ज हुआ। करोल बाग में रात 11 बजे 93.5 डेसिबल (A) की आवाज दर्ज की गई।
Delhi Air Quality Index
(फाइल फोटो)
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Delhi Air Quality Index: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा दिवाली की रात फिर जहर में बदल गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार शाम 4 बजे दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवता सूचकांक (AQI) 345 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। पिछले सालों की तुलना में यह 2024 के 330, 2023 के 218, 2022 के 312 और 2021 के 382 से अधिक रहा। रातभर AQI 344 से 359 के बीच बना रहा और मंगलवार दोपहर तक औसत 351 दर्ज किया गया।

दिवाली की रात PM2.5 का लेवल 675 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया, जो पिछले चार सालों में सबसे ज्यादा है। यह 2024 में 609, 2023 में 570, 2022 में 534 और 2021 में 728 था।

प्रदूषण का डेटा गायब होने का दावा

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, दोपहर 4 बजे यह 91 माइक्रोग्राम था, जो रात 12 बजे तक लगातार बढ़कर 675 तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन से हवा की गति कम हुई, जिससे प्रदूषक तैरते रहे और फैल नहीं पाए। पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने कहा कि प्रदूषण मॉनिटरिंग का सारा डेटा सुरक्षित है और वेबसाइट और ऐप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। वहीं कुछ पर्यावरण विशेषज्ञों ने दावा किया कि प्रदूषण के चरम घंटों का डेटा गायब रहा।

ध्वनी प्रदूषण में भी जोरदार उछाल

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के आंकड़ों के अनुसार, शहर के 26 में से 23 नॉइज मॉनिटरिंग स्टेशन पर ध्वनि स्तर सीमा से ऊपर दर्ज हुआ। करोल बाग में रात 11 बजे 93.5 डेसिबल(A) की आवाज दर्ज की गई, जबकि अनुमत सीमा 55 डेसिबल(A) है। श्री औरोबिंदो मार्ग जैसे साइलेंस जोन में भी शोर स्तर 65 डेसिबल(A) तक पहुंच गया।

GRAP स्टेज-II लागू, हवा में सुधार की उम्मीद

कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने रविवार को ही GRAP के स्टेज-II को सक्रिय कर दिया था। परिवहन से 14.6%, नोएडा से 8.3%, गाज़ियाबाद से 6%, गुरुग्राम से 3.6% और पराली जलाने से 1% प्रदूषण का योगदान रहा। पूर्व सीपीसीबी अधिकारी दीपांकर साहा ने कहा कि हवा की गति बढ़ने से आने वाले दिनों में प्रदूषण घट सकता है।

दिल्ली में प्रदूषण पर सियासी घमासान

दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर सियासी घमासान भी अपने चरम पर है। मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि AAP पंजाब के किसानों को पराली जलाने के लिए उकसा रही है, ताकि दिल्ली की हवा और प्रदूषित हो। इस पर पलटवार करते हुए AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने सिरसा को "अनपढ़" बताते हुए कहा कि पंजाब का AQI महज 156 है, जिससे साफ है कि प्रदूषण का कारण कुछ और है।

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