VP Election Result: CP राधाकृष्णन होंगे भारत के अगले उपराष्ट्रपति, बी सुदर्शन रेड्डी को दी शिकस्त

VP Election Results: उपराष्ट्रपति चुनाव के परिणाम सामने आ चुके हैं। एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन देश के 17वें उपराष्ट्रपति चुने गए हैं। उन्होंने बी सुदर्शन रेड्डी को बड़े अंतर से हरा दिया है।
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CP राधाकृष्णन व बी सुदर्शन रेड्डी (डिजाइन फोटो)
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VP Election Results: उपराष्ट्रपति चुनाव के परिणाम सामने आ चुके हैं। महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल और एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन देश के 17वें उपराष्ट्रपति चुने गए हैं। सीपी राधाकृष्णन को कुल 452 वोट मिले हैं। वहीं, विपक्ष के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को महज 300 सांसदों ने ही वोट दिया है।

उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आते ही एनडीए में शामिल राजनैतिक दलों में खुशी की लहर दौड़ गई है। सीपी राधाकृष्णन को उम्मीद से ज्यादा वोट मिले हैं। वहीं, विपक्षी उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को आशा के अनुरूप भी वोट नहीं हासिल हो सके हैं।

जीत के लिए चाहिए थे 391 वोट

वर्तमान में राज्यसभा में 238 और लोकसभा में 542 सांसद हैं। इस लिहाज से जीत के लिए 391 का आंकड़ा चाहिए था। एनडीए के पास 425 सांसद हैं, जबकि उसे कुछ अन्य दलों के वोट मिलने का भी भरोसा था। जो कि, सही साबित हुआ है।

15 सांसदों के वोट अवैध घोषित

उपराष्ट्रपति चुनाव में कुल 767 सांसदों ने वोट किया। जिसमें से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को 452 वोट हासिल हुए। वहीं, विपक्षी दलों के संयुक्त उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को मात्र 300 वोट हासिल हुए हैं। इसके साथ ही 15 वोट इनवैलिड करार दिए गए हैं।

VP इलेक्शन में हुई क्रॉस वोटिंग

उपराष्ट्रपति चुनाव नतीजे आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने क्रॉस वोटिंग का दावा किया है। चुनाव परिणाम भी इसकी पुष्टि कर रहे हैं। चुनाव के पहले भी एनडीए के कई नेताओं ने क्रॉस वोटिंग होने की बात कही थी। वहीं आंकड़ों के लिहाज से देखा जाए तो 14 सांसदों ने क्रॉस वोटिंग की है!

इन दलों ने बनाई चुनाव से दूरी

आपको बता दें कि इस चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य भाग लेते हैं और वे व्हिप से बाध्य नहीं होते हैं। बीजू जनता दल (BJD), भारत राष्ट्र समिति (BRS) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने चुनाव से दूर रहने का फैसला किया है। ऐसी स्थिति में कुल मतों की संख्या लगभग 770 हो सकती है।

कांग्रेस ने दूसरी बार नॉन पॉलिटिकल चेहरे को उपराष्ट्रपति के चुनावी मैदान में उतारा था। इससे पहले साल 1952 में सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति चुनाव में उतारा था। जो कि जीत दर्ज करते हुए 1962 तक उपराष्ट्रपति के पद पर काबिज रहे। इसके बाद वह भारत के राष्ट्रपति बन गए थे।

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