- Hindi News »
- Health »
- What Is Bibliotherapy For Stress And Anxiety Treatment Without Medicine
बिना दवा के तनाव और एंग्जायटी का इलाज! जानें क्या है बिब्लियोथेरेपी जो बदल सकती है आपका मूड
Bibliotherapy: बिब्लियोथेरेपी एक ऐसी थेरेपी है जिसमें किताबों और पढ़ने की आदत के जरिए तनाव और एंग्जायटी को कम किया जाता है। सही समय पर इसे अपनाकर मानसिक सेहत में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
- Written By: प्रीति शर्मा

किताब पढ़ते हुए सुकून महसूस करता व्यक्ति दर्शाता प्रतीकात्मक चित्र (सौ. फ्रीपिक)
Stress Management Tips: मानसिक स्वास्थ्य आज के दौर में एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रहा है लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका इलाज बिना दवाई के भी किया जा सकता है। जिसे बिब्लियोथेरपी कहा जाता है। यह बिना दवा के तनाव, अवसाद और सर्जरी से पहले होने वाली घबराहट को कम करने का एक वैज्ञानिक तरीका है।
आधुनिक जीवनशैली में तनाव, चिंता और एंग्जायटी अब आम समस्याएं बन चुकी हैं। इन मानसिक उलझनों से निपटने के लिए लोग अक्सर महंगी थैरेपी या दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन मेडिकल विज्ञान अब बिब्लियोथेरेपी यानी किताबों के जरिए उपचार को एक सुलभ और प्रभावी विकल्प मान रहा है।
क्या है बिब्लियोथेरेपी
यह एक पढ़ने की चिकित्सा विधि है। अमेरिकन नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार बिब्लियो थेरेपी में मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए कई तरह की सामग्रियों का इस्तेमाल होता है। इनमें स्व-सहायता वर्कबुक, पंफलेट, उपन्यास, कहानियां और ऑडियो बुक्स शामिल हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Blood Pressure से जुड़ी ये बातें जरूर जानना चाहिए, लंबी उम्र तक जीना चाहते हैं तो इन बातों का पालन करें
अमरावती जिला अस्पताल के ICU पर भारी दबाव, 10 महीने में 1387 मरीज भर्ती, संसाधनों की कमी से 245 ने तोड़ा दम
प्रोटीन लेने के बाद भी नहीं बढ़ रही है मसल्स? कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां
Holi 2026: होली की मस्ती कहीं छीन न ले आंखों की रोशनी! अगर रंग चला जाए तो भूलकर भी न करें ये 1 काम
सरल शब्दों में कहें तो बिब्लियो थेरेपी पढ़ने की थेरेपी है जहां चुनिंदा किताबें या सामग्री व्यक्ति को अपनी समस्याओं से निपटने में मदद करती हैं। यह एक प्राकृतिक तरीका है जो चिंता, तनाव और अन्य मानसिक परेशानियों को कम करने में कारगर साबित होता है।
यह भी पढ़ें:- बच्चों में हाई बीपी के ये लक्षण कहीं आप भी तो नहीं कर रहे मिस? भविष्य में पड़ सकता है पछताना
रिसर्च में खुलासा
इस पर कई रिसर्च हुए जिसमें पता चला है कि किताबें पढ़ना मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है। खासतौर पर सर्जरी या ऑपरेशन से पहले मरीजों में चिंता का स्तर काफी ऊंचा होता है जो मध्यम या गंभीर रूप ले लेता है। ऐसे में बिब्लियो थेरेपी का उपयोग करके इस चिंता को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

बिब्लियो थेरेपी के फायदे
रिसर्च के अनुसार ऑपरेशन से पहले बिब्लियो थेरेपी देने से मरीजों की घबराहट कम होती है जिससे सर्जरी के बाद की जटिलताएं भी घट जाती हैं। नर्स और स्वास्थ्यकर्मी इस विधि को आसानी से अपनाकर मरीजों की मदद कर सकती हैं। मरीज की समझ और जरूरत के अनुसार अलग-अलग तरह की किताबें चुनी जाती हैं। यह तरीका सिर्फ ऑपरेशन से पहले ही नहीं बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में चिंता, अवसाद या तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए भी उपयोगी है।
कैसे करें बिब्लियोथेरेपी की शुरुआत
बिब्लियो थेरेपी की खासियत यह है कि यह सस्ती, आसान और घर पर ही की जा सकती है। किताबें पढ़कर व्यक्ति खुद को समझता है दूसरों की कहानियों से जुड़ता है और समाधान खोजता है। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और मन शांत होता है।
आज के दौर में जब मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं बढ़ रही हैं बिब्लियो थेरेपी एक सुलभ और प्रभावी विकल्प है। नियमित अपनी पसंद की किताबें पढ़ना दिमाग को मजबूत बनाता है और भावनात्मक संतुलन लाता है। साथ ही रचनात्मक और पॉजिटिव भी बनाता है।
What is bibliotherapy for stress and anxiety treatment without medicine
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
नेपाल में भी चला BHIM UPI, भारतीय ट्रैवल व्लॉगर ने किया सफल पेमेंट
Feb 23, 2026 | 10:37 PMरोजे में गलती से पी लिया पानी? तो क्या अब रोजा जारी रख सकते हैं? यहां जानिए सटीक जवाब।
Feb 23, 2026 | 10:26 PMएनएससीआई डोम में अजित पवार को भावभीनी श्रद्धांजलि, अजित दादा के सपने को मिलकर पूरा करेंगे: फडणवीस
Feb 23, 2026 | 10:15 PMT20 World Cup में वेस्टइंडीज ने रचा इतिहास, ऐसा कारनामा करने वाली दुनिया की पहली टीम बनी
Feb 23, 2026 | 10:11 PMNashik News: स्थायी समिति के सभापति पद पर मच्छिंद्र सानप की ताजपोशी तय? दो उम्मीदवारों ने दाखिल किए नामांकन
Feb 23, 2026 | 10:02 PMअभिषेक शर्मा को ज्ञान देने चले थे आमिर, फैंस ने दिलाई ‘नो बॉल कांड’ की याद, फिर ठंडे पड़ गए तेवर, देखें VIDEO
Feb 23, 2026 | 09:58 PMक्या आप भी बालों के झड़ने से परेशान हैं? मेथी के पानी से बाल धोने के ये 5 फायदे जान हैरान रह जाएंगे आप
Feb 23, 2026 | 09:55 PMवीडियो गैलरी

रीवा में पोस्टर वार: ‘ब्रेनलेस और स्टुपिडिटी’ शब्दों से BJP ने कांग्रेस को घेरा; राहुल गांधी पर सीधा हमला
Feb 22, 2026 | 01:07 PM
BHU में ठांय-ठांय, बिरला हॉस्टल के पास छात्र गुटों में भिड़ंत; उठी चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग
Feb 22, 2026 | 12:54 PM
मां के प्यार को तरसा नन्हा बंदर: खिलौने को बनाया सहारा, जापान के ‘पंच’ की रुला देने वाली कहानी हुई वायरल
Feb 21, 2026 | 08:32 PM
AI Summit 2026: दिल्ली की सड़कों पर पैदल चलने को मजबूर विदेशी मेहमान, अव्यवस्था देख बोले- ‘तभी टैलेंट देश…’
Feb 21, 2026 | 08:23 PM
हाथरस के इस पिता को सलाम! दिव्यांग बेटी के सपनों के लिए अपनी पीठ को बनाया कंधा, देखें यह वायरल VIDEO
Feb 21, 2026 | 03:35 PM
ग्रेटर नोएडा के रयान स्कूल में शर्मनाक लापरवाही! 1 घंटे तक बाथरूम में बंद रही छात्रा, उल्टा लिखवाया माफीनामा
Feb 21, 2026 | 03:29 PM














