बदल रहा ऑफिस का कल्चर...बढ़ते तनाव के बीच अब मेंटल हेल्थ बन रही सबसे बड़ी जरूरत!

Mental Health at Workplace: आज के दौर में काम के साथ-साथ मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है जिसे लेकर लोगों को जागरुकता काफी हद तक फैल रही है। वर्कप्लेस पर बढ़ते स्ट्रेस को कम करने के तरीकों पर काम हो रहा है।
बदल रहा ऑफिस का कल्चर...बढ़ते तनाव के बीच मेंटल हेल्थ बन रही सबसे बड़ी जरूरत
वर्क प्लेस स्ट्रेस (सौ. फ्रीपिक)
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Workplace Stress Reasons: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई किसी न किसी वजह से तनाव में रहता है। जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए कॉम्पिटेटिव स्तर पर तनाव लेना अच्छा होता है लेकिन अगर यह तनाव ज्यादा बढ़ जाए तो इससे लाइफस्टाइल पर बुरा प्रभाव पड़ने लगता है। बदलते दौर में ऑफिस का काम को लेकर भी तनाव ज्यादा बढ़ रहा है। जहां वर्कलोड का प्रेशर घर आने के बाद भी खत्म नहीं होता है।

पिछले कुछ समय में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित परेशानियां तेजी से बढ़ रही हैं। यह एक ऐसा विषय है जिसपर खुलकर बात करने की जरूरी है। अगर वर्क प्लेस में मानसिक स्वास्थ्य की बात की जाए तो यह और जरूरी हो जाता है। हर कार्यस्थल में ऐसा माहौल बनाने की जरूरत है जहां मानसिक तौर पर कर्मचारी रिलैक्स महसूस करें।

अगर ऑफिस या वर्क प्लेस में माहौल बेहतर होगा तो काम का प्रेशर भी आसानी से झेला जा सकता है। कई बार हम अनजाने में स्ट्रेस, एंग्जायटी और चिंता का शिकार होने लगते हैं। इसके लिए कुछ ऐसे तरीके अपनाने चाहिए जो हमारे मानसिक स्वास्थ्य को सही बनाए रखे।

वर्कप्लेस पर तनाव को कम करने के तरीके

अक्सर ऑफिस में आपके देखा होगा कि कर्मचारी घंटो एक ही जगह पर बैठकर काम करते हैं। इसका सीधा असर हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि बीच-बीच में माइक्रो ब्रेक ले जिससे शारीरिक गतिविधि भी जारी रहे।

कई जगहों पर ऑफिस में तनाव को दूर करने के लिए फन एक्टिविटी कराई जाती हैं। ऐसे में कर्मचारियों को इनमें भाग लेकर तनाव को दूर रखने की आदत डालनी चाहिए। आपस में हंसी मजाक करने से तनाव नहीं होता है।

ऑफिस में दिख रहे ये नए ट्रेंड

  • कर्मचारियों को मानसिक आराम के लिए अतिरिक्त छुट्टियां मिल रही हैं।
  • कई संस्थान फ्लेक्सिबल वर्क टाइम से काम के तनाव कम कर रहे हैं।
  • कर्मचारियों की बदलती सोच
  • ब्रेक लेने में झिझक कम हुई
  • सीमाएं सेट करने की आदत बढ़ी
  • ओवरवर्क को अब होरोइज्म नहीं माना जा रहा
  • निजी जीवन और काम के बीच संतुलन अहम

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले सालों में मेंटल हेल्थ वर्कप्लेस कल्चर का स्थायी हिस्सा बन जाएगा। ऑफिस अब सिर्फ काम का स्थान नहीं बल्कि एक सपोर्टिव और हेल्दी वातावरण बनता जा रहा है।

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