Postpartum Yoga: बच्चे के जन्म के बाद पेल्विक फ्लोर को मजबूत बनाने में मदद करेंगे ये 3 आसान योगासन
Pelvic Floor Yoga: डिलीवरी के बाद महिलाओं में पेल्विक मसल्स की कमजोरी, यूरिन लीकेज और असहजता जैसी समस्याएं हो जाती हैं। ऐसे में कुछ आसान योगासन से महिलाओं के ओवरऑल हेल्थ को मजबूत बनाया जा सकता है।
- Written By: रीता राय सागर
योगासन (फोटो.सोशल मीडिया)
Best yoga for pelvic muscles: पेल्विक मसल्स सभी पेल्विक पार्ट्स को यानी यूट्रस, वजाइना, ब्लैडर और बाउल के स्थान पर होता है और पेल्विक फ्लोर का काम उन्हें सही तरीके से काम करने में सहयोग देना है। कुछ परिस्थितियों में महिलाओं में पेल्विक मसल्स कमजोर हो जाती है।
मोटापा, पेल्विक एरिया की सर्जरी, उम्र का बढ़ना, पुरानी कब्ज या खांसी जैसी दिक्कतों में पेल्विक फ्लोर कमजोर हो जाते हैं। गर्भावस्था और प्रसव के कारण महिलाओं को पेल्विक मसल्स से संबंधित कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पेल्विक एरिया को मजबूत बनाने के लिए आप योगाभ्यास का सहारा ले सकती हैं। आइए जानते हैं कि किन योगासनों की मदद से पेल्विक मसल्स को स्ट्रॉन्ग बनाया जा सकता है।
क्या हैं पेल्विक मसल्स?
आपकी पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां आपके कोर को सही रखने में सहायता करती हैं। ये पेल्विक फ्लोर प्यूबिक बोन से लेकर टेलबोन तक फैला होता है। यह चोट लगने और उम्र बढ़ने के कारण कमजोर हो सकती है, जिस वजह से पेल्विक ऑर्गन में प्रोलैप्स जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। इसे योग-व्यायाम की सहायता से सही किया जा सकता है।
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क्यों जरूरी है पेल्विक मसल्स का मजबूत होना
पेल्विक मांसपेशियों के स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए कई तरीके अपनाए जा सकते हैं। सबसे पहले, नियमित व्यायाम करना जरूरी है, जैसे कि पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज, जो पेल्विक मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
इसके अलावा, स्वस्थ आहार लेना भी जरूरी है, जिसमें पर्याप्त फाइबर, विटामिन और मिनरल्स हों। इसके अलावा, पर्याप्त पानी पीना और तनाव कम करने के लिए ध्यान आदि को अपनी लाइफ स्टाइल में शामिल करना जरूरी है।
इन आसनों का करें नियमित अभ्यास
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सेतुबंधासन
योगासन (फोटो.सोशल मीडिया)
सेतुबंधासन यानि ब्रिज पोज पीठ के बल लेटकर किया जाता है और शरीर को पुल की तरह ऊपर उठाया जाता है। इस आसन को करने के लिए पहले जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं। अब अपने घुटनों को मोड़ें लें और तलवों को जमीन पर ही रखें। अपने दोनों हाथों की सहायता से पैरों की एड़ियों को पकड़ लें। सांस लेते हुए धीरे-धीरे करके अपनी बॉडी को ऊपर उठाएं। अब इसी मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें। इसके बाद सांस छोड़ते हुए पहले वाली मुद्रा में आ जाएं। इस प्रक्रिया को 4-5 बार दोहराएं।
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मलासन
योगासन (फोटो.सोशल मीडिया)
मलासन पेट की मांसपेशियों को टोन करने, कमर दर्द और जोड़ों के दर्द में आराम दिलाने, कब्ज से राहत दिलाने और शरीर को लचीला बनाने में मदद करता है। इस आसन को करने के लिए अपने दोनों घुटनों को मोड़कर बैठ जाएं। अब अपने दाएं हाथ को दाएं घुटने और इसी तरह बाएं हाथ को बाएं घुटने के ऊपरी हिस्से पर रखें। इसके बाद दोनों हथेलियों को एक साथ मिलाकर नमस्ते की मुद्रा में आ जाएं। अब इस मुद्रा में 2 मिनट तक रहें। धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।
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हनुमान आसन
योगासन (फोटो.सोशल मीडिया)
इसे फ्रंट स्प्लिट्स योग कहा जाता है। ये योग आसन हैमस्ट्रिंग और कूल्हों को लचीलापन देता है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों घुटनों को फर्श पर टिकाकर पंजों के बल बैठ जाएं। इसके बाद अब अपने बाएं पैर को धीरे-धीरे पीछे की तरफ और दाएं पैर को आगे की तरफ फैलाने की कोशिश करें। पैरों को इतना फैलाने की कोशिश करें जिससे कि कूल्हे जमीन से लग जाएं। अब अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर लेकर जाएं। दोनों हथेलियों को जोड़कर नमस्कार की मुद्रा में आएं। 2 मिनट इसी मुद्रा में रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं।
