
भिलावा खाने के फायदे (सौ. सोशल मीडिया)
Ayurvedic Medicine Bhilawa: आयुर्वेद में कई औषधियों का स्थान है जहां पर सभी औषधियां किसी न किसी रूप में शरीर के हिस्से के लिए फायदेमंद होती है। आयुर्वेद में भिलावा को एक बेहद प्रभावशाली औषधि माना गया है। इस औषधि का सेवन करने से शरीर के कई हिस्सों को फायदा होता है। इसमें ही कई समस्याएं पाचन संबंधी समस्याओं, त्वचा रोगों और जोड़ों के दर्द में राहत जैसी औषधि आती है।
इसमें ही आयुर्वेद में भिलावा को एक साधारण फल नहीं बल्कि पुरानी बीमारियों की औषधि के रूप में माना जाता है। सही तरीके और सही मात्रा में इस्तेमाल किया जाए तो यह कई पुरानी परेशानियों में राहत दे सकता है।
भिलावा का सेवन करने से पाचन तंत्र को भी फायदा मिलता है। इसमें पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे कब्ज, अपच, गैस, पेट फूलना या बार-बार पेट खराब होने की समस्या रहती है। इन समस्याओं से आराम पाने के लिए भिलावा का सेवन फायदेमंद होता है। यह पेट के कीड़ों को खत्म करने में भी मदद करता है और भूख बढ़ाता है। पाचन सही होने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और थकान भी कम महसूस होती है।
यहां पर त्वचा के लिए आपको भिलावा का सेवन करने के फायदे मिल सकते है। अगर आप त्वचा से जुड़ी समस्याओं जैसे एक्जिमा, मुंहासे, सोरायसिस और सफेद दाग से परेशान है तो आप आयुर्वेद में शामिल इस औषधि का सेवन सही तरीके से कर सकते है। इसके सूजनरोधी और जीवाणुरोधी गुण त्वचा की पुरानी समस्याओं में राहत देते हैं। हालांकि, इसका तेल या लेप सीधे लगाने से पहले शोधन जरूरी होता है, वरना जलन हो सकती है।
भिलावा का सेवन करने के और भी फायदे होते है। जोड़ों के दर्द और गठिया के मरीजों के लिए भी भिलावा लाभकारी माना जाता है। इसके तेल से मालिश करने से सूजन कम होती है और चलने-फिरने में आराम मिलता है। इसके अलावा कई आयुर्वेदिक वैद्य इसे अंदरूनी रूप देने का काम करता है। यह भिलावा पुराने दर्द पर आराम देने का काम करता है।
इसके अलावा भिलावा यौन स्वास्थ्य में सुधार, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और दमा जैसी श्वसन समस्याओं में भी सहायक माना गया है। बालों के झड़ने और समय से पहले सफेद होने की समस्या में इसके तेल का उपयोग किया जाता है।
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भिलावा का सेवन करना फायदेमंद माना जाता है तो वहीं पर इसके सेवन या इस्तेमाल करने के दौरान कुछ सावधानी बरतना भी जरूरी होता है।बिना शोधन और बिना विशेषज्ञ की सलाह के इसका सेवन नुकसान पहुंचा सकता है। गर्भवती महिलाएं, बच्चे और कमजोर शरीर वाले लोगों को इससे दूर रहना चाहिए।
आईएएनएस के अनुसार






