

Gulab Ke Fayde: मोहब्बत जताने के लिए गुलाब के इस्तेमाल से तो हर कोई वाकिफ है। चाहे पूजा-पाठ हो, शादी-ब्याह आदि समारोहों में सजावट के लिए इसका इस्तेमाल खूब होता है। लेकिन, क्या आप इसके औषधीय गुणों के बारे में जानते हैं? गुलाब के फूल स्किन को निखारने से लेकर पाचन को मजबूत और पेट को ठंडा रखने में भी मदद करते हैं।
देसी गुलाब के फूल का वनस्पति नाम रोजा सेन्टिफोलिया है। इसे अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है। बाजार में गुलाब की कई प्रजातियां मौजूद हैं, लेकिन सबसे ज्यादा गुण देसी गुलाब में पाए जाते हैं। अगर, पेट में जठराग्नि बढ़ गई है और पेट में अल्सर हो गया है, तो देसी गुलाब बेहद फायदेमंद हो सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं देसी गुलाब के फ़ायदे -
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, गुलाब में प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पेट की परेशानियों को दूर करने में प्रभावी माना जाता है। इसके सेवन से लोगों को कब्ज़, पेट फूलने, दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गुलाब में एंटी-ऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं, जो शरीर को इंफेक्शंस से दूर रखने में मदद करते हैं।
वजन घटाने में जो तत्व मददगार होते हैं वो गुलाब में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि गुलाब की 10 से 15 पखुंड़ियों को पानी में उबाल लें। फिर इसमें एक चम्मच शहद और एक चुटकी दालचीनी पाउडर डालें। बता दें कि जब पानी का रंग गुलाबी हो तभी ये सब मिलाएं। उसके बाद सेवन करें।
महिलाओं को माहवारी के दौरान होने वाले दर्द से राहत दिलाने में भी गुलाब का इस्तेमाल कारगर होता है। इसके अलावा, इसके प्रभाव से मासिक धर्म की प्रक्रिया को नियमित व नॉर्मल बनाना आसान हो जाता है। साथ ही, जिन महिलाओं को पीरियड्स के दौरान कम या ज्यादा फ्लो होता है, उन्हें भी गुलाब की चाय, काढा, शरबत अथवा गुलकंद का सेवन करना चाहिए।
अगर मुंह से असमय बदबू आती है या गले में दर्द की समस्या होती है, तो गुलाब के पत्तों को चबाया जा सकता है या पानी के साथ उबालकर गरारे किए जा सकते हैं। ये मुंह के अंदर मौजूद बैक्टीरिया को कम करने का काम करते हैं और मसूड़ों में होने वाली सूजन से भी आराम देते हैं।
माइग्रेन के लिए देसी गुलाब के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। सिर दर्द होने पर गर्म पानी में गुलाब के तेल की कुछ बूंदें डालकर भाप लेनी चाहिए, इससे सिर दर्द में आराम मिलता है और तनाव कम होता है।