

NSA Ajit Doval: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल अपने कड़े फैसलों और गंभीर बयानों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में दिल्ली में आयोजित 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग' में उन्होंने युवाओं से कुछ ऐसा कहा जिसने हर किसी को चौंका दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हमें अपने इतिहास का बदला लेना होगा। डोभाल ने याद दिलाया कि कैसे हमारे पूर्वजों ने अपमान सहा और बेबसी देखी। उनका यह संदेश अब युवाओं के भीतर एक नई आग पैदा कर रहा है।
इस कार्यक्रम में डोभाल ने विस्तार से बताया कि आज की आजादी हमें आसानी से नहीं मिली है। हमारे पूर्वजों ने इसके लिए भारी कुर्बानियां दी हैं। हमारे गांव जलाए गए, सभ्यता को नष्ट किया गया और मंदिरों को लूटा गया, जबकि हम मूक दर्शक बने रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमने कभी किसी पर हमला नहीं किया और न ही किसी के मंदिर तोड़े, लेकिन सुरक्षा खतरों को नजरअंदाज करने की भारी कीमत हमें चुकानी पड़ी है। डोभाल का मानना है कि इतिहास के इन कड़वे सबकों को याद रखना बेहद जरूरी है।
NSA अजीत डोभाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि इतिहास हमें चुनौती देता है और आज हर युवा के अंदर एक आग होनी चाहिए। उन्होंने माना कि 'बदला' शब्द सुनने में शायद आदर्श न लगे, लेकिन यह एक बहुत ही शक्तिशाली भावना है। हमें अपने इतिहास का बदला लेना है, जिसका मतलब है देश को वापस उस महानता के शिखर पर ले जाना। उन्होंने यह भी समझाया कि हम युद्ध क्यों लड़ते हैं। हम कोई 'साइकोपैथ' नहीं हैं जिन्हें लाशें देखकर खुशी मिलती हो। युद्ध इसलिए लड़े जाते हैं ताकि दुश्मन का मनोबल तोड़ा जा सके और उसे हमारी शर्तें मानने पर मजबूर किया जा सके। राष्ट्र की इच्छाशक्ति ही वह असली ताकत है जिसके लिए युद्ध लड़े जाते हैं।
अजीत डोभाल ने स्पष्ट किया कि अगर आप इतने शक्तिशाली हैं कि कोई आपका विरोध न कर सके, तो आप हमेशा स्वतंत्र रहेंगे। लेकिन अगर आपके पास सब कुछ है और मनोबल नहीं है, तो सारे हथियार बेकार साबित होंगे। यहीं पर एक मजबूत नेतृत्व की जरूरत होती है। प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि हम भाग्यशाली हैं कि हमें ऐसा नेतृत्व मिला है जिसने पिछले 10 सालों में देश की तस्वीर बदल दी है। उनकी मेहनत और समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणा है। डोभाल ने चेतावनी भी दी कि अगर आने वाली पीढ़ियां इतिहास के इन सबकों को भूल गईं, तो यह देश के लिए सबसे बड़ा दुर्भाग्य होगा। हमें अपनी पहचान और ताकत को दोबारा हासिल करना होगा।