
रेत तस्करी (सौजन्य-नवभारत)
Gondia News: गोंदिया जिले में भले ही जिला प्रशासन ने रेत घाटों की नीलामी नहीं की है, लेकिन अवैध रेत तस्करी जारी है और रेत की तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही है। इस बीच, जिला पुलिस ने वर्ष 2025 में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ बड़ी संख्या में कार्रवाई की है और 114 मामले दर्ज किए हैं। पुलिस की कुशलता के कारण 21 करोड़ 10 लाख रु। का माल जब्त किया गया है।
जिले के वैनगंगा, बाघनदी और ग्रामीण क्षेत्रों के नदियों और नालों से अवैध तरीके से रेत निकाली और परिवहन की जाती है। राजस्व विभाग के साथ-साथ पुलिस विभाग ने भी इस अवैध काम को रोकने में अहम भूमिका निभाई है। पुलिस की कार्रवाई राजस्व विभाग की तुलना में ज्यादा पैमाने पर और असरदार रही है। पुलिस विभाग के अनुसार, गोंदिया और तिरोड़ा तहसील में बड़े पैमाने पर अवैध रेत परिवहन की जा रही है।
वर्ष 2025 में इन क्षेत्रों से अवैध तरीके से रेत चोरी करने वालों के खिलाफ 114 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष से 59 ज्यादा हैं। इन अपराधों में कुल 21,10,75,500 रुपये का माल जब्त किया गया है। इसमें अवैध रेत के साथ-साथ कई वाहनों, उपकरण और अन्य सामग्री शामिल हैं।
अवैध रेत चोरी से न सिर्फ राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में नदियों, नालों और झरनों पर भी असर पड़ता है। अवैध रेत निकालने से बहती नहरों में कटाव, प्रदूषण और पानी के बहाव में बदलाव होता है। इसलिए, पुलिस के लिए इन अपराधों पर नजर रखना बहुत जरूरी है।
गोंदिया जिला पुलिस 16 पुलिस थानों के जरिए प्रतिदिन गश्त, मॉनिटरिंग और रोड चेकिंग करती है ताकि यातायात पर नजर रखी जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों में नदी के किनारों और नालों की जांच करके अवैध कामों को रोकने पर जोर दिया गया। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि वे सतर्क रहें और कोई भी अवैध काम दिखने पर तुरंत पुलिस को बताएं।
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वर्ष 2025 में पुलिस की कार्रवाई से अवैध रेत तस्करी को राकने में मदद मिली है। जिला पुलिस प्रशासन ने 2026 में अवैध रेत चोरी को कम करने और नदियों को बचाने के लिए लगातार नजर रखने की योजना बनाई है। इस कार्रवाई में पुलिस प्रशासन की तत्परता, गश्त की योजना और राजस्व विभाग के साथ तालमेल की वजह से अवैध रेत चोरी में काफी कमी आई है। गोंदिया पुलिस की इन कोशिशों के बारे में लोगों में जागरूकता लाने की भी कोशिश की जा रही है। वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 में रेत चोरी के 59 ज्यादा मामले सामने आए हैं।






