Ranbir Kapoor: दादा के नक्शेकदम पर रणबीर कपूर, RK स्टूडियो के बैनर तले बनाएंगे पहली फिल्म

RK Studio: रणबीर कपूर अपने दादा राज कपूर के RK स्टूडियो को री-लॉन्च करने और इसके बैनर तले अपनी पहली डायरेक्शनल फिल्म बनाने की तैयारी कर रहे हैं। टीम में दीपिका और अयान भी हैं।
Ranbir Kapoor: दादा के नक्शेकदम पर रणबीर कपूर, RK स्टूडियो के बैनर तले बनाएंगे पहली फिल्म
रणबीर कपूर का बड़ा फैसला: दादा राज कपूर का RK स्टूडियो री-लॉन्च कर करेंगे डायरेक्शन डेब्यू
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Ranbir Kapoor Raj Kapoor: बॉलीवुड के 'हैंडसम हंक' अभिनेता रणबीर कपूर अब अभिनय के साथ-साथ निर्देशन की दुनिया में कदम रखने की तैयारी कर रहे हैं। रणबीर जल्द ही अपने दादा, दिवंगत अभिनेता राज कपूर के प्रतिष्ठित आरके स्टूडियो (RK Studio) को री-लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं। यह स्टूडियो न केवल उनकी पारिवारिक विरासत को आगे बढ़ाएगा, बल्कि इसी बैनर तले वह अपनी डायरेक्शन वाली पहली फिल्म भी बनाएंगे।

रणबीर कपूर ने सितंबर में अपने जन्मदिन के मौके पर डायरेक्टर बनने की इच्छा जाहिर की थी। अब 'मिड डे' की रिपोर्ट के अनुसार, वह आरके स्टूडियो के री-लॉन्च के साथ अपने निर्देशन की शुरुआत करने की प्लानिंग कर रहे हैं।

क्रिएटिव टीम में होंगी दीपिका पादुकोण और अयान मुखर्जी

रणबीर कपूर इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए अपने करीबी दोस्त और डायरेक्टर अयान मुखर्जी (Ayan Mukerji) और अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) समेत एक मजबूत क्रिएटिव टीम के साथ काम करेंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि रणबीर स्टूडियो की विरासत को एक आधुनिक अंदाज में आगे बढ़ाना चाहते हैं। हालांकि, अभी तक कोई ठोस योजना नहीं बनी है, और इसे हकीकत में बदलने से पहले कई पहलुओं पर काम करना होगा।

ब्रांड को फिर से स्थापित करना पहली प्राथमिकता

रिपोर्ट के मुताबिक, रणबीर कपूर आरके स्टूडियो को मुंबई में एक नई जगह पर स्थापित करेंगे। लेकिन उनकी पहली प्राथमिकता एक मजबूत क्रिएटिव लाइन-अप तैयार करना और ब्रांड को फिर से स्थापित करना है। इसके बाद, वह एक ऐसी जगह तैयार करेंगे जहाँ प्रोडक्शन हाउस का ऑफिस और एक स्क्रीनिंग थिएटर दोनों हो सकें। फिलहाल, वह स्टूडियो बनाने की जल्दी में नहीं हैं।

आरके स्टूडियो का स्वर्णिम इतिहास

दिवंगत अभिनेता राज कपूर ने साल 1948 में आरके स्टूडियो की स्थापना की थी। इस स्टूडियो ने भारतीय सिनेमा को कई शानदार फिल्में दीं, जिनमें 'बरसात' (1949), 'आवारा' (1951), 'मेरा नाम जोकर' (1970), 'बॉबी' (1973), 'सत्यम शिवम सुंदरम' (1978), 'प्रेम रोग' (1982), और 'राम तेरी गंगा मैली' (1985) जैसी क्लासिक फिल्में शामिल हैं। आरके फिल्म्स के बैनर तले बनी आखिरी फिल्म 'आ अब लौट चलें' (1999) थी, जिसका निर्देशन ऋषि कपूर ने किया था। रणबीर कपूर अब अपने दादा की इस महान विरासत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार हैं।

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